लॉकडाउन में दी जा रही ट्रेनों की सर्विस से संतुष्ट नहीं अखिलेश यादव, केंद्र पर की सवालों की बौछार
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट में विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बाद अब भारतीय रेलवे ने 15 शहरों में 15 जोड़ी यात्री ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है, लेकिन कई विरोधी नेताओं ने अब रेलवे को सेनेटाइज करने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रेनों में यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार पर कई सवाल दागे हैं।

मोदी सरकार पर गाहे-बगाहे निशाना साधने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब रेलवे की ट्रेनों को लेकर संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सोमवार देर रात एक ट्वीट करते हुए लिखा, 'सरकार बताए क्या AC ट्रेन चलाने से पहले एसी सिस्टम की सफाई-सर्विसिंग करवा ली गयी है। साथ ही बताए कि रेलवे स्टेशन तक जाने व वहां से घर या निकटस्थ शहरों में जाने की क्या व्यवस्था है, क्या बुजुर्गों-मजबूरों के लिए व्हील चेयर मिलेगी, सामान व बिस्तर को ढोने के लिए क्या कुली मिलेंगे।' अखिलेश यादव से कोरोना संकट में दी जा रही सुविधाओं को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है।
बता दें इससे पहले एक और ट्वीट में उन्होंने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'लोगों से घरों का किराया न लेने की अपील करनेवाले रेलवे से किराया न वसूलने की अपील क्यों नहीं कर रहे हैं। गरीबों के पास क्या इतनी समझ है कि वो ऑनलाइन टिकट बुक करा सकें। साइबर कैफे व एजेंट सेवा भी अनुपलब्ध है। न ही गरीबों के पास एप के लिए स्मार्ट फोन हैं। कोई कन्सेशन भी नहीं है।' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'कितना मुश्किल होगा उसके आगे का सफर...जो मजबूर है सड़कों पर पैदा होने के लिए... कोई है जो सुन रहा है?' सोमवार को अखिलेश यादव ने अपने एक के बाद एक ट्वीट से केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार लगा दी।
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