सात बार कोरोना पॉजिटिव आया गुजरात का 19 वर्षीय लड़का, तबियत ठीक, लेकिन नहीं जा रहा वायरस
वडोदरा। गुजरात में वडोदरा से कोरोना के संक्रमण का अजीब मामला सामने आया है। यहां करीब महीने भर पहले एक 19 साल के लड़के को आइसोलेशन में रखा गया था। उसके अलावा माता-पिता भी कोरोना से संक्रमित थे, जो ठीक हो गए। मगर, लड़के की रिपोर्ट अभी तक निगेटिव नहीं आई है। उसे सात बार कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यानी जब भी टेस्ट हुए, उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव नहीं आई। चौंकाने वाली बात यह भी है कि, अभी तक उसमें कोरोना के लक्षण भी नहीं दिख रहे हैं। वह मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ है।

वडोदरा के जय पाटणी में कोरोना वायरस का असर नहीं?
ऐसा पेचीदा केस सामने आने से डॉक्टर भी भौचक हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि, यदि लड़के की तबियत ठीक है तो मान लें कि उसका ब्लड और इम्यूनिटी पावर कोरोना से लड़ने में अधिक सक्षम हैं। इसीलिए ही तो उसकी हालत अन्य मरीजों जैसी नहीं बिगड़ी है। उक्त लड़के का नाम जय पाटणी है। जय वडोदरा के हाईस्पीड रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दर्जनों कोविद-19 पॉजिटिव रोगियों में से एक है, जिनमें महामारी के हलके लक्षण हैं या बिल्कुल हैं ही नहीं।

अब 8वें कोरोना टेस्ट के परिणाम का इंतज़ार है
जय ने खुद को स्वस्थ बताते हुए कहा- ‘मुझे खांसी, थकान या सिरदर्द नहीं है। मैं पहले दिन के बाद से ही खुद को ठीक महसूस कर रहा हूं। मगर, मैं तब तक घर नहीं लौटूंगा जबतक कि टेस्ट रिपोर्ट दो बार निगेटिव नहीं आ जाए।'
यानी, वह अब अपने आठवें कोरोना टेस्ट के परिणाम का इंतज़ार कर रहा है। वह अभी घर जाने की जल्दी में नहीं है, क्योंकि उसे डर है कि वह अपने माता-पिता को फिर से संक्रमित कर सकता है, जो कि अब ठीक हो चुके हैं।

मां घबरा गई, क्योंकि रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आई
मां की चिंता जाहिर करते हुए जय बोला- ‘शुरू में मेरी मां घबरा गई थी और इस बात को लेकर चिंतित थी कि मेरा टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव क्यों आता है। मगर, डॉक्टरों की वजह से मैं चिंतित नहीं हूं। इस बारे में चिंता करने की क्या बात है?'












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