बेटे के भाजपा ज्वॉइन करने पर भड़के एके एंटनी, बोले- अनिल ने मुझे बहुत आहत किया, यह फैसला सही नहीं
Anil Antony Joins Bjp: कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने 2002 के गुजरात दंगों और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री विवाद के बाद जनवरी में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी।

AK Antony On Anil Antony Joins Bjp: बेटे के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी (Ak Antony) ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अनिल के भाजपा में शामिल होने के फैसले ने मुझे आहत किया है। यह बहुत ही गलत फैसला है। भारत का आधार एकता और धार्मिक सद्भाव है। 2014 के बाद, मोदी सरकार सत्ता में आई, वे व्यवस्थित रूप से विविधता और धर्मनिरपेक्षता को कमजोर कर रहे हैं। भाजपा केवल एकरूपता में विश्वास करती है, वे देश के संवैधानिक मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं। मेरी वफादारी हमेशा 'नेहरू परिवार' के साथ रहेगी।
अनिल एंटनी को जेपी नड्डा ने दिलाई भाजपा की सदस्यता
बता दें कि पूर्व कांग्रेस नेताऔर पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी (Ak Antony) के बेटे अनिल एंटनी (Anil Antony) ने गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और केरल भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
मुझे एक खास परिवार के लिए काम नहीं करना: अनिल एंटनी
भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के बाद अनिल एंटनी (Anil Antony) ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुझे एक खास परिवार के लिए नहीं, आम लोगों के लिए काम करना है। अगले 25 सालों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के PM मोदी के लक्ष्य को पूरा करने का काम करना है।
जानें अनिल एंटनी ने क्यों छोड़ी थी कांग्रेस
अनिल एंटनी (Anil Antony) ने इसी साल जनवरी में कांग्रेस के पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर थे। 2002 के गुजरात दंगों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर अनिल एंटनी ने मोदी के सपोर्ट में ट्वीट किया था, जिसे डिलीट करने का दबाव बनने पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी।
अनिल एंटनी ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर ट्वीट किया था
पीएम मोदी पर बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को लेकर अनिल एंटनी (Anil Antony) ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि भाजपा के साथ तमाम मतभेदों के बावजूद BBC और ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के विचारों को भारतीय संस्थानों के विचारों से अधिक महत्व देना खतरनाक चलन है।












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