बीफ पर बयान देने वाले अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान पर गिरी गाज, पद से हटाए गए
गोहत्या के खिलाफ भाजपा की ओर से चलाए जा रहे अभियान को लेकर सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा था कि बीफ खाने पर प्रतिबंध लगना चाहिए और सरकार को गौहत्या के खिलाफ कानून बनाना चाहिए।
नई दिल्ली। मुसलमानों से बीफ छोड़ने और केंद्र सरकार से देशभर में बीफ बैन करने की मांग करने वाले अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन पर उनके बयान को लेकर गाज गिर गई है। मुसलमानों से बीफ छोड़ने के उनके बयान से नाराज होकर उनके भाई अलाउद्दीन आलिमी ने उन्हें दीवान के पद से हटाने का ऐलान कर खुद को दीवान घोषित कर दिया है।

आपको बता दें कि गोहत्या के खिलाफ भाजपा की ओर से चलाए जा रहे अभियान को लेकर सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा था कि बीफ खाने पर प्रतिबंध लगना चाहिए और सरकार को गौहत्या के खिलाफ कानून बनाना चाहिए। अजमेर शरीफ के प्रमुख का यह बयान ऐसे समय पर आया, जब उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में अवैध बूचड़खानों को सील किया जा रहा है।
वहीं, 31 मार्च को गुजरात विधानसभा में भी गौरक्षा कानून पास किया गया है जिसमें गौहत्या का दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। गुजरात विधानसभा में पास किए गए एक्ट के मुताबिक, बीफ के ट्रांसपोर्ट में शामिल कोई भी शख्स या इससे जुड़े अन्य किसी अपराध में दोषी पाए जाने पर 100000 रुपये से 500000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। ये भी पढ़ें- बीफ को लेकर अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख ने दिया बड़ा बयान












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