NSA अजित डोवाल की वजह से अचानक लद्दाख पहुंचे पीएम मोदी!

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लद्दाख पहुंचे। यहां पर लेह से करीब 35 किलोमीटर दूर नीमो में उन्‍होंने सेना, वायुसेना और इंडो-तिब्‍बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के सैनिकों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इसके साथ ही नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी से एलएसी के ताजा हालातों के बारे में जाना।सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के इस अचानक लेह दौरे के पीछे और कोई नहीं बल्कि उनके राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल हैं।

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    पीएम की लैंडिंग तक मिशन रखा गया सीक्रेट

    पीएम की लैंडिंग तक मिशन रखा गया सीक्रेट

    डोवाल ने न सिर्फ पीएम मोदी को इस दौरे का आइडिया दिया बल्कि उनका दौरा इतने कम समय में कैसे संभव होगा, इसकी पूरी रणनीति भी तैयार की। नीमू में सैनिक और सेना के सीनियर ऑफिसर्स भी पीएम मोदी को अचानक अपने बीच देखकर चौंक गए थे। पीएम मोदी को यहां पर ले. जनरल वाईके जोशी और 14 कोर के कमांडर ले. जनरल हरिंदर सिंह ने पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ इंडियन आर्मी की युद्ध से जुड़ी तैयारियों के बारे में ब्रीफ किया। पीएम मोदी के इस लेह दौरे को पूरी तरह से तब तक सीक्रेट रखा गया जब तक कि वहएयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर गए।

    डोवाल के साथ CDS और आर्मी चीफ भी शामिल

    डोवाल के साथ CDS और आर्मी चीफ भी शामिल

    इस पूरे सीक्रेट मिशन में एनएएस डोवाल, सीडीएस रावत और आर्मी चीफ नरवणे शामिल रहे। एनएसए डोवाल दो हफ्तों के सेल्‍फ आइसोलेशन में थे और आइसोलेशन से बाहर आने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली में रहना ही ठीक समझा। विशेषज्ञों के मुताबिक पीएम मोदी की लद्दाख में मौजूदगी से चीन को तो एक सख्‍त संदेश गया है। भारत-चीन मामलों पर नजर रख रहे विशेषज्ञों की मानें तो भारत ने चीन को स्‍पष्‍ट कर दिया है कि वह बिजनेस में इंट्रेस्‍ट रखता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देगा।

    मोदी मौजूदगी से स्‍थानीय लोगों में बढ़ा भरोसा

    मोदी मौजूदगी से स्‍थानीय लोगों में बढ़ा भरोसा

    पीएम मोदी की मौजूदगी ने लद्दाख की स्‍थानीय जनता में एक भरोसा पैदा किया है। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चार बिंदुओं पर टकराव जारी है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने लद्दाख में टॉप कमांडर्स को निर्देश दे दिए हैं कि वो अपनी तरफ से टकराव न बढ़ाएं लेकिन अगर दुश्‍मन की तरफ से कोई हरकत हो तो हरगिज चुप न बैठें। इसी तरह का संदेश साल 2017 में भी आर्मी कमांडर्स को दिया गया था जब चीन और भारत की सेनाएं डोकलाम में आमने-सामने थीं। पीएम मोदी लेह स्थित 153 जनरल हॉस्पिटल भी गए। यहां पर उन्‍होंने उन सैनिकों से मुलाकात की जो 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा में घायल हो गए थे।

    विस्‍तारवादी ताकतों का दौर खत्‍म

    विस्‍तारवादी ताकतों का दौर खत्‍म

    पीएम मोदी ने यहां पर पोस्‍टेड सैनिकों के साथ मुलाकात करने के बाद उन्‍हें संबोधित किया। 14 कोर फायर एंड फ्यूरी के ऑफिसर्स और जवानों से पीएम मोदी मुखातिब थे। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत मां के दुश्‍मनों ने आपकी फायर एंड फ्यूरी को देखा है।' पीएम मोदी ने कहा देश के हर घर में अब यहां के वीर सैनिकों का जिक्र हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यहां पर सैनिकों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया जिसने जीत हासिल करने की एक असफल कोशिश की थी। उन्‍होंने कहा कि कुछ देशों की विस्‍तारवाद नीतियों ने दुनिया की शांति को भंग कर दिया है। लेकिन इतिहास गवाह है कि विस्‍तारवादी ताकतों को या तो पराजय का मुंह देखना पड़ा है या फिर उन्‍हें पीछे जाना पड़ा है।

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