एयरक्राफ्ट लीजर्स ने गो फर्स्ट एयरवेज के 45 विमानों का पंजीकरण रद्द करने के लिए DGCA से किया संपर्क
Go First Airways: विमान पट्टेदार (Aircraft lessors) ने गो फर्स्ट एयरवेज को लेकर डीजीसीए से संपर्क किया है। उन्होंने गो फर्स्ट एयरवेज के 45 विमानों का पंजीकरण रद्द करने के लिए कहा है।

Go First Airways: एयरक्राफ्ट लीजर्स (विमान पट्टेदार) ने गो फर्स्ट एयरवेज के 45 विमानों का पंजीकरण रद्द करने के लिए डीजीसीए से संपर्क किया है। गो फर्स्ट एयरवेज के पास कुल 55 विमानों की क्षमता है। जिसमें से एयरक्राफ्ट लेजर्स ने 45 विमानों को रद्द करने के लिए डीजीसीए से संपर्क साधा है।
गो फर्स्ट एयरलाइन के लिए कहीं से राहत की खबर नहीं आ रही है। इस बीच मंगलवार को गो फर्स्ट को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। विमान पट्टेदार (Aircraft lessors) ने उनके 55 में से 45 विमान के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के लिए डीजीसीए से सिफारिश की है।
वहीं दूसरी तरफ, दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी गो फर्स्ट एयरलाइन को तत्काल प्रभाव से अपने टिकटों की बिक्री 15 मई तक बंद करने का निर्देश दिया था। डीजीसीए ने एयरलाइन को सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय ढंग से परिचालन कर पाने में नाकाम रहने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) एयरलाइन गो फर्स्ट की याचिका पर कल यानी बुधवार को अपना आदेश पारित करेगी। एनसीएलटी के फैसले पर एयरलाइन का भविष्य टिका है। कंपनी ने खुद अपनी ओर से ही दिवालिया घोषित करने के लिए NCLT के पास आवेदन दिया था। बता दें कि गो फर्स्ट एयरलाइन को पहले गो एयर के नाम से जाना जाता था।
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वहीं, इससे पहले गो फर्स्ट ने कहा था कि उनकी सारी फ्लाइटें 09 मई तक कैसिंल कर दी गई। गो फर्स्ट ने कहा था कि यात्रियों को जो भी असुविधा हुई, उसके लिए खेद है। इसी के साथ गो फर्स्ट ने बताया कि उसने 15 मई तक टिकटों की बिक्री को भी निलंबित कर दिया है।
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