दिवाली से पहले ही दिल्ली में दूषित हुई हवा, डॉक्टरों ने दी मास्क पहन कर निकलने की सलाह
दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर तो रोक लगा दी है लेकिन इसके बावजूद हवा में प्रदूषण की मात्रा खतरनाक हो चुकी है। पंजाब, हरियाणा में किसानों ने फसल की परारी जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके बाद से दिल्ली ने धुंध की चादर ओढ़ ली है।
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नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर तो रोक लगा दी है लेकिन इसके बावजूद हवा में प्रदूषण की मात्रा खतरनाक हो चुकी है। पंजाब, हरियाणा में किसानों ने फसल की परारी जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके बाद से दिल्ली ने धुंध की चादर ओढ़ ली है। सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में हवा की गुणवत्ता काफी खराब निकली है।

राजस्थान के भिवाड़ी में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब निकली। वहीं इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस और मथुरा रोड में वायु गुणवत्ता सूचकांक 290 पाया गया। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में ये 385 मापा गया। नोएडा में रविवार को हालात थोड़े बेहतर थे लेकिन सोमवार शाम वहां भी सूचकांक 263 नापी गई।
इन जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक की इतनी मात्रा बताती है कि परारी जलाने से दिल्ली में वायु की गुणवत्ता कितने निचले स्तर पर पहुंच गई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार हवा में PM2.5 की मात्रा मंगलवार को 122 यूनिट और बुधवार को 137 यूनिट बढ़ने की आशंका है। सफर ने लोगों से बढ़िया क्वालिटी के मास्क पहन कर घर से बाहर निकलने की हिदायत दी है। बच्चे, बूढ़ों और दिल-फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को खासतौर पर ये मास्क पहनने के लिए कहा गया है।
एनजीटी के परारी जलाने पर बैन के बावजूद किसानों ने इसे जलाना शुरू कर दिया है जिसने दिल्ली का ऐसा हाल कर दिया है। मंगलवार को एनजीटी इस मसले पर सुनवाई भी करेगा।
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