दिल्ली की हवाओं में फिर घुला जहर, कई इलाकों में PM 2.5 सबसे खतरनाक स्तर पर
देश की राजधानी दिल्ली की हवाओं में एक बार फिर प्रदूषण ने जहर घोल दिया है। बुधवार सुबह दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में पीएम 2.5 का लेवल खतरनाक स्तर पर पाया गया। पिछले 24 घंटे से दिल्ली एनसीआर की हवा में धूल के कण बढ़ने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली की हवाओं में एक बार फिर प्रदूषण ने जहर घोल दिया है। पिछले दो दिनों से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बुधवार सुबह एनसीआर के कई इलाकों में पीएम 2.5 का लेवल खतरनाक स्तर पर पाया गया। पिछले 24 घंटे से दिल्ली की हवा में धूल के कण बढ़ने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है। इससे कई लोगों को सांस लेने और देखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह से ही हवा में धूल के कण बढ़ने से विजिबिलिटी पर असर पड़ा, जो बुधवार सुबह और खराब हो गई थी। धीमी गति से चल रही हवाएं अपने साथ वातावरण में धूल और बारीक कण ले आईं, जिससे ऐसी स्थिति पैदा हो रही है। कई इलाकों में पीएम 2.5 खतरनाक स्तर पर नापा गया। वायु प्रदूषण निगरानी एजेंसी एक्यूआईसीएन ने बताया कि मंगलवा रात 8 बजे आरके पुराम और ओखला चरण II में पीएम 2.5 का स्तर क्रमशः 660 और 738 था।
वहीं रोहिणी में ये 838, वजीरपुर में 858, डीटीयू में 849 और आनंद विहार में 812 था। इन इलाकों में प्रदूषण सबसे भयानक स्तर पर था। अधिकांश अन्य स्टेशनों पर पीए 2.5 325 और 800 के बीच नापा गया। पीएम 2.5 की सुरक्षित लिमिट 100 मानी जाती है, लेकिन दिल्ली एनसीआर के अधिकतर इलाकों में ये सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक था। हवा में प्रदूषण का ये स्तर मौसम के कारण बताया जा रहा है।
हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट में दिल्ली को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में रखा गया था। दुनिया करे सबसे प्रदूषित टॉप 20 शहरों में से 14 शहर भारत से थे।
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