Air India Urination : आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने भेजा व्हाट्सएप मैसेज, शिकायतकर्ता ने किया दावा
एअर इंडिया पेशाब मामला में शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने व्हाट्सएप मैसेज भेजा था। मैसेज के कंटेंट की जानकारी नही।

Air India Urination मामले में आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप मैसेज भेजा था। खुद शिकायतकर्ता ने ये बात रही है। इससे पहले आरोपी शंकर मिश्रा की ओर से पेश अधिवक्ता मनु शर्मा ने अदालत के समक्ष कहा कि उनके मुवक्किल को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है, लेकिन ये प्रक्रिया में चूक का भी मामला है, इसलिए जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला यात्री पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा को पुलिस ने 6 जनवरी को गिरफ्तार किया था।
आरोपी ने जमानत मांगी, कोर्ट ने खारिज की मांग
ताजा घटनाक्रम में, एअर इंडिया पेशाब मामले में शिकायतकर्ता ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि आरोपी शंकर मिश्रा के पिता ने उसे एक व्हाट्सएप संदेश भेजा और बाद में मैसेज डिलीट कर दिया। आरोप उस समय लगाया गया जब अदालत ने मिश्रा की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा। हालांकि, बाद में जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
गैर जमानती वारंट का विरोध
शंकर मिश्रा पर एअर इंडिया की उड़ान में एक साथी यात्री पर पेशाब करने का आरोप है, जिसे दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। मिश्रा की ओर से पेश अधिवक्ता मनु शर्मा ने अदालत के समक्ष दावा किया कि मिश्रा के खिलाफ बिना किसी समन या जमानती वारंट के गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
IPC की धारा का विरोध
शर्मा ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 उनके मुवक्किल के खिलाफ इस्तेमाल नहीं की जा सकती, क्योंकि कृत्य के पीछे वासना जैसी मंशा नहीं थी। अदालत में शिकायत की प्रति पढ़ते हुए शर्मा ने कहा, "शिकायतकर्ता का मामला उसे एक कामुक व्यक्ति के रूप में नहीं रखता है।"
जांच में सहयोग कर रहे आरोपी
शंकर शर्मा के बचाव में वकील शर्मा ने यह भी कहा, उनका मुवक्किल 'उड़ान जोखिम' की श्रेणी में भी नहीं था। उन्होंने कहा, इस मामले की जांच के लिए एअर इंडिया द्वारा गठित 'आंतरिक शिकायत समिति' के समक्ष वे 4 जनवरी को उपस्थित रहे थे। आगे भी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
प्रभावशाली है आरोपी, पिता ने मैसेज भेजकर डिलीट किया
शिकायतकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट महेंद्रो ने आरोपी शंकर मिश्रा की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मिश्रा प्रभावशाली व्यक्ति हैं। ऐसे में जमानत पर रिहा होने पर शिकायतकर्ता पर दबाव बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था उस दिन मिश्रा के पिता ने शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप संदेश भेजा था, लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया था।
शंकर मिश्रा के पिता ने कहा- फोन नंबर नहीं
मैसेज में क्या लिखा था, इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, मिश्रा के वकील ने आरोपों का विरोध करते हुए कहा, आरोप "पूरी तरह निराधार" हैं। जिस नंबर से मैसेज भेजने का दावा किया जा रहा है ''यह उनके (मिश्रा के) पिता का नंबर नहीं था।
छह और गवाहों की जांच करेगी पुलिस
इस बीच, मामले के जांच अधिकारी ने जांच के बारे में पूछे जाने पर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोमल गर्ग को जवाब देते हुए बताया कि सात गवाहों से पूछताछ की गई और शिकायतकर्ता का बयान पुलिस ने आईपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया। अधिकारी ने आगे बताया कि छह और गवाहों की जांच की जानी है, जिनमें चार फ्लाइट स्टाफ और दो यात्री शामिल हैं।
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क्या है मामला, 14 दिन की कस्टडी में आरोपी
शंकर मिश्रा पर 26 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान में एक साथी यात्री पर पेशाब करने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर उनके खिलाफ 4 जनवरी को दिल्ली में एक प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें 6 जनवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया । सात जनवरी को दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने के बाद शंकर मिश्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।












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