'टेकऑफ के वक्त सिस्टम फेलियर', Air India हादसे में क्या थी असली गड़बड़ी? अब इस फर्म ने उठाए 2 बड़े सवाल
Air India plane crash: एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के क्रैश हो जाने से 260 लोगों की जान चली गई, जिसमें से 52 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। अब ब्रिटेन की जानी-मानी कानूनी फर्म Keystone Law ने इस हादसे को लेकर दो अहम तकनीकी सवाल उठाए हैं, जो जांच की दिशा को पूरी तरह बदल सकते हैं। ये फर्म विमानन मुकदमेबाजी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है। इस फर्म को कई ब्रिटिश पीड़ितों के परिवारों ने नियुक्त किया है। ये फर्म एयर इंडिया विमान हादसे की जांच पर बारीकी से नजर रख रही है।
12 जून 2025 को AI171 फ्लाइट, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गई। विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक से टकरा गया, जिससे जमीन पर भी 19 लोगों की मौत हो गई। कुल मिलाकर विमान में मौजूद 242 यात्रियों और क्रू में से सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बचा।

ब्रिटिश फर्म Keystone Law ने क्या सवाल उठाए हैं?
Keystone Law, जो कि एविएशन लीगल मामलों में विशेष पहचान रखती है, इस समय लगभग 20 ब्रिटिश पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही है। फर्म के दो प्रमुख वकील जेम्स हीली-प्रैट और ओवेन हन्ना इस केस की अगुवाई कर रहे हैं। उनका कहना है, "हम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर परिवारों को सलाह दे रहे हैं, न कि किसी अटकल के आधार पर।"
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक वकील जेम्स हीली-प्रैट ने कहा,
"AI 171 के परिवारों के लिए यह बेहद संवेदनशील समय है, और हम यूके और यूएस में चल रही अलग-अलग प्रक्रियाओं के दौरान उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं। जहां तक हवाई सुरक्षा की बात है, हमारी तकनीकी जांच टीम का मानना है कि RAT (राम एयर टरबाइन) अपने आप सक्रिय हो गया था। यह टेकऑफ के जैसे गंभीर वक्त पर किसी गंभीर सिस्टम फेलियर की ओर इशारा करता है।"
उन्होंने आगे कहा, ''AI171 के परिवार सच और न्याय चाहते हैं, और हम उनके साथ खड़े हैं।''
AI171 क्रैश को लेकर उठाए गए दो बड़े सवाल
1. Ram Air Turbine (RAT) का टेकऑफ के तुरंत बाद एक्टिव हो जाना
RAT एक इमरजेंसी डिवाइस होती है, जो तभी एक्टिवेट होती है जब विमान की बिजली या हाइड्रॉलिक सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाए। इसका टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद एक्टिव होना सिस्टम फेलियर की ओर इशारा करता है।
2. दोनों इंजनों का अचानक थ्रस्ट खो देना
वाणिज्यिक विमान (कमर्शियल प्लेन) में दोनों इंजन एक साथ फेल होना बेहद दुर्लभ घटना मानी जाती है। ऐसा होना ना के बराबर होता है। ब्रिटिश कानून फर्म के मुताबिक इससे यह संकेत मिलता है कि विमान के इंजन या सिस्टम में गंभीर तकनीकी खामी थी।
Air India तकनीकी जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई
Keystone Law ब्रिटिश और अमेरिकी कोर्ट में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, खासकर अगर विमान निर्माता Boeing की डिजाइन या निर्माण में खामी पाई गई। फर्म एयर इंडिया की UK में मौजूद लीगल टीम और इंश्योरेंस कंपनियों से भी संपर्क में है, ताकि प्रभावित परिवारों को इंटरिम मुआवजा दिया जा सके।
ब्लैक बॉक्स से मिलने वाली जानकारी इस केस की दिशा तय करेगी। UK की Air Accidents Investigation Branch (AAIB) और Disaster Victim Identification (DVI) टीमें भारत की जांच एजेंसियों के साथ मिलकर तकनीकी विश्लेषण और शवों की पहचान में जुटी हैं।
हादसे में 52 ब्रिटिश नागरिकों की मौत के कारण यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अत्यधिक संवेदनशील हो गया है। इस मामले में एयर इंडिया और बोइंग दोनों से गंभीर सवाल पूछे जाएंगे, खासकर जब प्राथमिक जांच रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में सामने आ जाएगी।












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