'सोते-सोते उठ जाता है, नहीं करता बात', Air India Crash में जिंदा बचने वाले विश्वास की हालत खराब
Air India Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की पहली रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक प्लेन 'टेकऑफ' के कुछ ही सेकेंड बाद ही क्रैश हो गया क्योंकि इसके दोनों इंजन का बंद हो गए थे। रिपोर्ट में लिखा है कि 'प्लेन टेकऑफ तक सही था लेकिन जैसे ही ये उचित ऊंचाई पर पहुंचा, इसके दोनों ईंजन 'कटऑफ' मोड में चले गए जिससे ये हादसे का शिकार हो गया।'
इस भयंकर हादसे में कुल 260 लोग मारे गए , जिसमें 229 यात्री, 12 क्रू और 19 जमीन पर मौजूद लोग थे, हालांकि इस दुर्घटना में एक यात्री ऐसा भी है, जो कि जिंदा बचा, जिसे काल अपने साथ नहीं ले जाया पाया जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने 'अजूबा', 'चमत्कार', 'भाग्यशाली' और 'भगवान का बेटा' जैसे शब्दों से नवाजा लेकिन वो खुद को ऐसा नहीं मानते हैं।

आपको बता दें कि इस यात्री का नाम है 'विश्वास कुमार रमेश', जो कि वो प्लेन की सीट नंबर 11A पर यात्रा कर रहे थे। वो एक ब्रिटिश नागरिक हैं और उनकी उम्र 40 साल है। इस हादसे में विश्वास के भाई अजय की भी मौत हुई थी।
Mental Trauma से गुजर रहे प्लेन क्रैश में जिंदा बचे विश्वास
हालांकि वो जीवित जरूर बचे लेकिन इन दिनों वो काफी परेशानी से गुजर रहे हैं। ना तो वो रात को सो पा रहे हैं और ना ही वो किसी से बातचीत करते हैं, वो हर पल उदास और गमगीन रहते हैं।
'सोते-सोते उठ जाता है, रहता है गमगीन' (Air India Crash)
उनकी हालत के बारे में चचेरे भाई सनी ने पीटीआई से कहा कि 'अहमदाबाद हादसे की भयानक तस्वीरें, लाशों का मंजर, चारों तरफ आग ही आग और उनके भाई की मौत अभी भी विश्वास को परेशान करती है। विदेश में रहने वाले हमारे रिश्तेदारों सहित कई लोग विश्वास की कुशलता के बारे में जानने के लिए हमें फोन करते हैं लेकिन वह किसी से बात नहीं करते हैं।'
मनोचिकित्सक से मांगी है मदद (Air India Crash)
'वह अभी तक दुर्घटना और अपने भाई की मौत के मानसिक आघात से उबर नहीं पाए हैं। वह आधी रात को उठ जाते हैं और उन्हें दोबारा सोने में कठिनाई होती है। हम दो दिन पहले उन्हें इलाज के लिए एक मनोचिकित्सक के पास ले गए थे क्योंकि वो सही नहीं हैं। उन्होंने अभी तक लंदन लौटने की कोई योजना नहीं बनाई है क्योंकि उनका इलाज अभी शुरू हुआ है।'
एयर इंडिया की उड़ान से लंदन जा रहे थे विश्वास
आपको बता दें कि 5 दिन तक अस्पताल में रहने के बाद 17 जून को विश्वास को अहमदाबाद सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। उसी दिन उनके भाई अजय के पार्थिव शरीर को डीएनए मिलान के बाद परिवार को सौंप दिया गया था। विविश्वास और अजय दोनों दीव में अपने परिवार से मिलने के बाद एयर इंडिया की उड़ान से लंदन जा रहे थे लेकिन एक हादसे ने सबकुछ खत्म कर दिया। 18 जून को, विश्वास को दीव में श्मशान घाट पर अपने भाई के पार्थिव शरीर को अपने कंधों पर ले जाते हुए देखा गया था।
'मैं कोशिश करके बाहर निकल सकता हूं' (Air India Crash)
'दुर्घटना के एक दिन बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में विश्वास से मुलाकात की थी। बाद में विश्वास ने बताया था कि 'विमान उड़ान भरने के कुछ सेकंड के भीतर ही क्रैश हुआ था। सौभाग्य से विमान का वह हिस्सा जहां मैं बैठा था, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद (मेडिकल कॉलेज) छात्रावास परिसर के भूतल पर गिरा था। जब मैंने देखा कि दरवाजा टूटा हुआ है, तो मैंने खुद से कहा कि 'मैं कोशिश करके बाहर निकल सकता हूं, आखिरकार, मैं बाहर आ गया।'












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