Air India crash: विमान के मलबे से बरामद हुआ DVR, जानिए क्या होता है ये और कैसे हादसे की जांच में करता है मदद
Air India crash: गुजरात की एंटी‑टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने शुक्रवार 13 जून 2025 को अहमदाबाद एयर इंडिया ड्रीमलाइनर (AI171) विमान के मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) बरामद किया। एयर इंडिया का विमान 12 जून की दोपहर 1 बजकर 38 मिनट पर टेक ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था, जिसमें कुल 265 लोगों की मौत हुई है। विमान में सवाल कुल 241 लोग मारे गए हैं। एक यात्री ही बच पाया है।
DVR को ATS की टीम ने विमान हादसे की जांच करने वाली फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को सौंप दिया है। FSL की टीम इसमें रिकॉर्ड हुआ डेटा से हादसे के कारणों का पता लगाएगी। डीवीआर की बरामदगी से हादसे के आखिरी पलों में क्या घटा था, इसकी जानकारी हासिल करने में अहम मदद मिलेगी। ऐसे में आइए जानें ये डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) एयर इंडिया विमान हादसे की जांच में कैसे मदद करेगा?

खोज‑बचाव और फॉरेंसिक टीमों ने मलबे से DVR को सुरक्षित तरीके से निकाला और अब इसे विश्लेषण के लिए FSL को भेजा गया है। जांच एजेंसियां को पूरा भरोसा है कि DVR से मिलने वाला वीडियो या संदर्भ डेटा विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले की घटनाओं को समझने में मदद करेगा-क्या तकनीकी खराबी थी, चालक दल ने क्या किया, ऐसी जानकारियां DVR के सहारे सामने आ सकती हैं।
DVR की खासियत और भूमिका
🔴 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) का इस्तेमाल विमान में आमतौर पर निगरानी के उद्देश्य से किया जाता है, जो सिक्योरिटी कैमरों से वीडियो फुटेज रिकॉर्ड करता है।
🔴यह रिकॉर्डेड वीडियो डेटा आमतौर पर हार्ड ड्राइव या क्लाउड स्टोरेज में सुरक्षित रखा जाता है। डीवीआर खासतौर पर विजुअल डेटा को रिकॉर्ड करने के लिए डिजाइन किया गया होता है।
🔴 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जो सीसीटीवी या ऑनबोर्ड कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो डेटा को कलेक्ट करता है। यह डेटा डिजिटल फॉर्मेट में सेव किया जाता है।
🔴 विमानों में लगे DVR आमतौर पर कैबिन, कॉकपिट, गलियारे, दरवाजों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में लगे कैमरों से फुटेज रिकॉर्ड करते हैं।
🔴 ब्लैक बॉक्स और DVR में क्या अंतर है? यह ब्लैक बॉक्स से अलग है। ब्लैक बॉक्स आम तौर पर फ्लाइट डेटा और कॉकपिट की बातचीत रिकॉर्ड करता है, जबकि यह DVR भीतर कैमरों और अन्य तकनीकी स्रोतों से विजुअल डेटा इकट्ठा करता है।
विमान हादसे की जांच में DVR कैसे मदद करता है?
🔵 1. विजुअल सबूत प्रदान करता है: DVR फुटेज से जांचकर्ता यह देख सकते हैं कि क्रैश से ठीक पहले विमान के अंदर क्या गतिविधियां हो रही थीं, जैसे, यात्री क्या कर रहे थे? कैबिन क्रू का व्यवहार...।
🔵 2. तकनीकी गड़बड़ियों के संकेत: अगर कॉकपिट और केबिन में कोई असामान्य हरकत, अलार्म लाइट्स, या ध्वनि संकेत थे, तो DVR में उनका किल्यर फुटेज मिल सकता है, जो ब्लैक बॉक्स में ऑडियो से स्पष्ट नहीं हो पाते।
🔵 3. लोगों की प्रतिक्रिया: DVR यह भी दिखा सकता है कि पायलट, क्रू, यात्री किस तरह प्रतिक्रिया कर रहे थे, जिससे जांचकर्ता यह समझ सकते हैं कि कोई मानव त्रुटि हुई या नहीं।
🔵 4. सुरक्षा और आतंकवाद की जांच में सहायक: अगर हादसे में किसी आतंकी साजिश या सुरक्षा में सेंध का संदेह हो, तो DVR सबूत के रूप में कार्य कर सकता है।












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