Made in India की वजह से रूस-यूक्रेन पर निर्भरता कम, किसी पार्ट की कमी नहीं: IAF चीफ
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर: ईरान से चीन जा रही फ्लाइट में सोमवार को बम मिलने की खबर के बाद हड़कंप मच गया था। विमान ने दिल्ली में उतरने की इजाजत मांगी थी, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उससे इनकार कर दिया। साथ ही वायुसेना के 2 सुखोई विमानों ने उसे हवा में घेरा और सुरक्षित भारतीय वायु क्षेत्र से बाहर भेजा। इस पर मीडिया ने जब वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उस घटना में सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।

वहीं 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस है। उससे पहले मीडिया से एयर चीफ मार्शल ने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध को 6 महीने हो चुके हैं, अभी तक हमें किसी भी स्पेयर पार्ट्स की कमी महसूस नहीं हुई है। हमने पिछले कुछ सालों में स्वदेशी को काफी बढ़ावा दिया है और हमने 62,000 स्पेयर पार्ट्स को यहीं से खरीदा, इसलिए हमारी निर्भरता यूक्रन, रूस से कम हुई है।
वहीं लद्दाख में भारत-चीन के बीच जारी तनाव पर उन्होंने कहा कि एलएसी पर स्थिति सामान्य है, कई इलाकों में डिसइंगेजमेंट की गई है। हम चीनी वायु सेना की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। हमने रडार और वायु रक्षा नेटवर्क की उपस्थिति बढ़ाई है। हमने उचित समय पर गैर-एस्केलेटर उपाय किए। अगर किसी तरह का हवाई उल्लंघन होता है, तो हम भारतीय सेना की हॉटलाइन का उपयोग करेंगे।
थिएटर कमांड पर क्या कहा?
वहीं देश में एकीकृत थिएटर कमांड को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। जिस पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम थिएटर कमांड बनाने की किसी भी प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहे हैं। थिएटर कमांड की संरचनाओं के संबंध में हमारे कुछ आरक्षण हैं। हम एकीकरण प्रक्रिया का पूरी तरह से समर्थन कर रहे हैं। ये भविष्य के लिए तैयार होनी चाहिए। उन्होंने मेक इन इंडिया की भी तारीफ की। एसीएम चौधरी ने कहा कि सोमवार को लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। हमें विश्वास है इससे स्ट्राइक क्षमता में इजाफा होगा। हम LCA Mk 1A, HTT-40 प्रशिक्षकों, स्वदेशी हथियारों और विभिन्न रडारों के भी जल्द वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद कर रहे।












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