India-China: लगातार उड़ान भर रहे IAF के फाइटर जेट्स, चीन बॉर्डर के करीब बढ़ी हलचलें
नई दिल्ली। सोमवार को लद्दाख में पैंगोंग त्सो के दक्षिणी हिस्से में चीनी जवानों की तरफ से घुसपैठ की असफल कोशिशों के बाद भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। मंगलवार रात से पैंगोंग के के उत्तरी हिस्से पर इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) की सक्रियता बढ़ गई है। सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) ने फिंगर 3 के जनरल एरिया में अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है।

फिंगर 3 पर चीनी जवान
एक अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि फिंगर 3 के करीब चोटियों पर पीएलए के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि जिन चोटियों पर भारत ने कब्जा कर लिया है, वहां से इनकी गतिविधियों को साफ देखा जा सकता है। दूसरी ओर आईएएफ ने अपने फाइटर जेट्स जैसे सुखोई और मिग के अलावा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी तैनात कर दिए हैं। फाइटर जेट्स को लगातार लेह के आसमान में उड़ान भरते हुए देखा जा सकता है। मंगलवार रात से ही आईएएफ की सक्रियता में इजाफा देखा गया है। इसके अलावा सभी जवान हाई अलर्ट पर है। पिछले 15 घंटों के दौरान हुई सॉर्टीज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेनाएं पूरी तरह से चीन के दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार हैं। 30 अगस्त को सेना ने पैंगोंग के दक्षिणी हिस्से में ब्लैक टॉप पर कब्जा कर लिया है। 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस चोटी की रणनीतिक अहमियत है।
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भारतीय पोस्ट्स पर चीन की नजर
ब्लैक टॉप पर कब्जे के बाद से सेना स्पांग्गुर गैप के करीब पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की गतिविधियों पर नजर रख सकती है। ब्लैक टॉप, पीएलए के कब्जे वाले ग्रीन टॉप के ठीक सामने है। ग्रीन टॉप, फिंगर 4 का एक अहम स्थान है। यहां से कई ऐसी चोटियां शुरू होती हैं जो पैंगोंग के उत्तर-पूर्व से शुरू होती हैं। पीएलए के जवान ग्रीन टॉप पर हैं और यहां से वह फिंगर 3 पर भारतीय सेना की मुख्य फॉरवर्ड पोस्ट पर नजर रख रहे हैं। साथ ही पैंगोंग के दक्षिण में स्थित कुछ पोस्ट्स पर भी उनकी नजरें हैं। मिलिट्री कमांडर्स का कहना है कि उन्हें उन लोकेशंस पर मुस्तैद रहना होगा जहां पर अगले वर्ष पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के आक्रामक होने की आशंका है। सेना सूत्रों के मुताबिक पीएलए की आक्रामकता के बाद अब चीन का भरोसा नहीं है।












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