एम्‍स निदेशक रणदीप गुलेरिया का दावा, कोरोना वैक्‍सीन व्‍यक्ति को केवल इतने समय तक सुरक्षित रखेगी

एम्‍स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बताया,कोरोना वैक्‍सीन व्‍यक्ति को कितने समय तक सुरक्षित रखेगी

नई दिल्ली। दिल्‍ली एम्‍स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी की देश में तीसरी लहर के बीच एक आशा की किरण दिखाई है। इसके साथ ही रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी के खात्‍मे के अलावा कोरोना वैक्‍सीन के प्रभाव के बारे में बड़ा दावा किया है।

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    गुलेरिया का दावा कोरेाना वैक्‍सीन महज इतने समय तक व्‍यक्ति को करेगी सरंक्षित
    बता दें एम्‍स के निदेशक गुलेरिया ने हाल ही में कोरोना वायरस पर टिल वी विन नामक पुस्‍तक लिखी है जिसमें उन्‍होंने कोरोना वायरस के खात्‍मे को लेकर ये उम्‍मीद की किरण दिखाई है। कोरोना टीका लोगों का संरक्षण कैसे करेगा इसके जवाब में उन्‍होंने कहा कि कोविड 19 का टीका कम से कम एक साल तक सुरक्षा देगा और इसकी 9 माह से एक साल तक संरक्षण प्रदान करने की संभावना है। गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वैक्‍सीन एक बड़ी जनसंख्‍या को सुरक्षा प्रदान करेगा और ये वैक्‍सीन कोरोना की चेन को तोड़ने में मदद करेगा।

    कोरोना का कब खात्‍मा होगा इस पर गुलेरिया ने बताई ये बात

    गुलेरिया ने कोरोना के खाम्‍मे के बारे में कहा कि इसे जल्‍द खत्‍म होते नहीं देखता हूं उन्‍होंने कहा कि ये महामारी इतनी जल्‍दी समाप्‍त नहीं होगी। उन्‍होंने कहा हो सकता हो सकता है कि ये अधिक घातक बीमारी न रहें। उन्‍होंने कहा कि उम्‍मीद जताई जा रही है कि 2013 तक कोरोना का संक्रमण कम हो जायेगा और उन्‍होंने ये भी कहा कि हो सकता है कि 2023 तक डब्लूएचओ इस कोरोना महामारी के खत्‍म होने घोषण कर दे। वहीं कोरोना पर लिखी गई पुस्‍तक टिल वी विन के सह लेखक डाक्‍टर गगनदीप कंग बोले कि हम 2019 में कभी पीछे लौट पायेंगे फिलहाल तो अभी हम लगभग दो साल आगे का समय देख रहे है जब स्थित पहले जैसी सामन्‍य हो जाएगी।

    कोरोना वैक्‍सीन

    बता दें भारत कम से कम पांच कोरोना वैक्‍सीन को देख रहा है। जिसमें सबसे आगे COVIDSHEILD है, जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा विकसित किया जा रहा है। ये वैक्‍सीन भारत में तीसरे चरण के परीक्षणों को पूरा करने की प्रक्रिया में है। SII ने पहले ही संकेत दिया है कि कंपनी जल्द ही इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन (EUA) के लिए जाने वाली है। भारत बायोटेक की COVAXIN वैक्‍सीन को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की साझेदारी में विकसित किया गया ये पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों के आंकड़ों को देखते हुए 60 प्रतिशत प्रभावशाली बताया गया है। Zydus Cadila का ZYCOV D परीक्षण के दूसरे चरण में है। डॉ रेड्डीज के साथ भारत में विकसित किया जा रहा रूस का टीका स्पुतनिक वी, चरण II और III परीक्षणों में है। हैदराबाद स्थित जैविक ई का टीका पहले चरण में है।

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