एआई-संचालित ऐप 'सोयाबीन ज्ञान' का उद्देश्य किसानों की सोयाबीन की पैदावार को बढ़ाना है।
इंदौर स्थित राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान ने सोयाबीन की फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए एक AI-सक्षम मोबाइल एप्लिकेशन पेश किया है। कंप्यूटर अनुप्रयोग में प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. सविता कोल्हे ने बुधवार को घोषणा की कि ‘सोयाबीन ज्ञान’ नामक यह ऐप किसानों तक वैज्ञानिक और समय पर जानकारी पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। इस टूल से सोयाबीन की फसलों को प्रभावित करने वाली बीमारियों और कीटों के प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।

डॉ. कोल्हे ने ऐप के AI-आधारित तकनीकी ढांचे पर प्रकाश डाला, जो किसानों को अपनी फसलों की तस्वीरें अपलोड करने की अनुमति देता है। फिर ऐप तुरंत किसी भी पहचानी गई बीमारी या कीटों पर प्रतिक्रिया देता है और उचित समाधान सुझाता है। यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए फायदेमंद है, जहाँ उनके पास विशेषज्ञ सलाह तक तत्काल पहुंच नहीं हो सकती है।
ऐप में एक मौसम आधारित पूर्वानुमान प्रणाली भी शामिल है जो बीमारियों और कीटों के प्रकोप की भविष्यवाणी करता है। स्थानीय मौसम की स्थिति का विश्लेषण करके, यह समय पर चेतावनी प्रदान करता है, जिससे किसानों को पर्याप्त रूप से तैयार रहने में मदद मिलती है। डॉ. कोल्हे ने उल्लेख किया कि यह सक्रिय दृष्टिकोण संभावित फसल क्षति को कम करने में महत्वपूर्ण रूप से सहायता कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, ऐप में एक AI-सक्षम चैटबॉट है जो किसानों को चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को वर्तमान सोयाबीन बाजार कीमतों के साथ लगातार अपडेट करता है, जिससे मूल्यवान आर्थिक अंतर्दृष्टि मिलती है। एप्लिकेशन कई भाषाओं का समर्थन करता है और Google Play पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
भारत के खाद्य तेल उत्पादन लक्ष्य
भारत वर्तमान में अपनी खाद्य तेल आवश्यकताओं का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सोयाबीन जैसी प्रमुख तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाना महत्वपूर्ण है। ‘सोयाबीन ज्ञान’ की शुरुआत घरेलू सोयाबीन उपज को संभावित रूप से बढ़ाकर इन राष्ट्रीय कृषि उद्देश्यों के अनुरूप है।
With inputs from PTI












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