Women Reservation Bill पास न होने पर CM रेखा गुप्ता का प्रोटेस्ट, कार्यक्रम में काली पट्टी पहन जताया गुस्सा

Women Reservation Bill: राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक के विफल होने के ठीक एक दिन बाद, एक सार्वजनिक कार्यक्रम में काली पट्टी पहनकर अपनी नाराज़गी जताई। उन्होंने इस घटना को महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए एक बड़ा झटका करार दिया।

लोकसभा में विधेयक विफल, बढ़ा राजनीतिक तनाव

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। इस विफलता ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को विधायिकाओं में आरक्षण सुनिश्चित करना था, लेकिन समर्थन के अभाव में यह पारित नहीं हो पाया।

Women s reservation bill

काली पट्टी पहनकर जताया विरोध

विधेयक के गिरने के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में काली पट्टी पहनकर विरोध दर्ज कराया। यह कार्यक्रम महिला उद्यमियों से जुड़ा था, जहां उन्होंने अपने संबोधन में इस घटना को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए "बड़ा झटका" बताया।

'महिलाओं को हर हाल में प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए'

रेखा गुप्ता ने कहा, "देश में महिलाओं को निर्णय लेने वाली संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेदों के कारण इस महत्वपूर्ण मुद्दे में देरी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, लंबे समय से लंबित यह मांग अब और टाली नहीं जानी चाहिए।"

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परिसीमन और जनगणना पर विवाद

इस विधेयक को परिसीमन और जनगणना से जोड़ने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि इन प्रक्रियाओं के कारण महिला आरक्षण लागू होने में अनावश्यक देरी हो सकती है। वहीं सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे भविष्य में लागू करने की बात कह रही है।

'महिलाएं सिर्फ भागीदारी नहीं प्रतिनिधित्‍व चाहती हैं'

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश के हर क्षेत्र की महिलाएं अब सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि प्रभावी प्रतिनिधित्व चाहती हैं। ऐसे में यह विधेयक केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का सवाल बन गया है। Women Reservation Bill: 543 सीटों पर क्यों अटका 33% आरक्षण? किसकी गलती, किसका खेल, 10 सवाल-जवाब

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