Ayodhya Verdict: कोर्ट के फैसले से पहले 8 अस्थायी जेल तैयार की गई
लखनऊ। रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी होने के बाद जल्द ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने में प्रशासन जुटा है। किसी भी तरह के असामाजिक तत्व से निपटने के लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने अंबेडकरनगर के कॉलेज में आठ अस्थायी जेल को तैयार किया है। यह जेल अंबेडकरपुर, टांडा, जलालपुर, जैतपुर, भिटी और अल्लापुर में तैयार की गई है।

स्कूलों में बनी अस्थायी जेल
अंबेडकरपुर के डिस्ट्रिक्ट स्कूल इंसपेक्टर ने इस बाबत एक पत्र जारी किया है, जिसमे कहा गया है कि इन स्कूल के प्रिंसिपल व स्टाफ स्टेशन इंचार्ज को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएं, ताकि स्कूल के भीतर जेल को तैयार किया जा सके। कोर्ट के फैसले से पहले पूरे अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को और बढ़ा दिया गया है, पूरे शहर में धारा 144 को लागू कर दिया है, जिसके बाद किसी भी जगह पर 4 से अधिक लोगों का जमा होना गैर कानूनी होगा।

जल्द आ सकता है फैसला
बता दें कि अयोध्या मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने पूरी कर ली है। जिसके बाद कोर्ट जल्द ही इस मामले में अपना फैसला सुना सकता है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने से पहले कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। कोर्ट के फैसले से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने योगी सरकार को चेताया है कि अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम
खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यूपी सरकार अधिक से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात करे, साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह से सख्ती से निपटा जाए। केंद्र सरकार ने भी 40 कंपनियों को अयोध्या भेजा है। जिसमे 4000 सीएपीएफ व पैरामिलिट्री के जवानों को अयोध्या भेजा गया है। साथ ही सीआरपीएफ की 16 कंपनियों, आईटीबीपी की छह कंपनियों, सीआईएसएफ, एसएसबी और आरएएफ की 6-6 कंपनियों को तैनात किया गया है। सीआरपीएफ की 13 कंपनियों को पहले ही यहां भेजा जा चुका है।












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