कर्नाटक चुनाव से पहले रहस्यमयी पोल ने कांग्रेस-भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी की
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चेन्नई। कर्नाटक की राजनीति में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, उसके बाद माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजे काफी रोमांचक हो सकते हैं। कर्नाटक में भाजपा ने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है और इसके लिए पार्टी ने अपने फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को भी मैदान में उतारा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश में अपनी सरकार को बचाने के लिए भाजपा पर हिंदुत्व के मुद्दे पर जमकर हमला बोल रही है और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक वीडियो जारी करके उन्हें हिंसा भड़काने वाला और मगरमच्छ के आंसू बहाने वाला तक करार दिया है।

किसी भी दल को बहुमत नहीं
लेकिन इन सब के बीच कर्नाटक में चुनावी परिणाम आने से पहले जो संभावित पोल के जो नतीजे लीज हुए हैं उसमे इस बात का इशारा मिलता है कि प्रदेश में इस बार ना तो कांग्रेस और ना भाजपा को पूर्ण बहुमत मिल रहा है, ऐसे में प्रदेश में इस बार दोनों ही दलों के लिए सरकार का गठन चुनौतीभरा होने वाला है। भाजपा इस चुनाव में जहां 73-76 सीट तो कांग्रेस 77-81 सीटें हासिल होती दिख रही हैं, वहीं जेडी(एस) को 64-66 सीटें हासिल होंगी। वहीं अन्य के खात में 4-5 सीटें आएंगी। आपको बता दें कि कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं।

हर विधानसभा सीट पर 2000 लोगों की राय ली गई
इस सर्वे को सीएचएस की ओर से कराया गया है, जिसमें कहा गया है कि कर्नाटक विधानसभा इस बार भंग विधानसभा होगी, लिहाजा कांग्रेस और भाजपा को अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है और आगामी चुनाव में बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। पोल के इन नतीजों को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है, जिसमे कहा गया है कि इस सर्वे को हर विधानसभा सीट पर 2000 लोगों के बीच किया गया है।

उपरी जाति के लोग कांग्रेस से दूर हुए
इस पोल में कहा गया है कि कांग्रेस की छवि में पिछले पांच वर्षों में काफी बदलाव आया है, इसमे कहा गया है कि सिद्धारमैया की अहिंदा रणनीति ने कुछ खास नहीं किया है, हालांकि निचली जातियां अभी भी कांग्रेस के साथ हैं, लेकिन उपरी जाति के लोग कांग्रेस से दूर जा चुके हैं। अगर कांग्रेस चुनाव से पहले अपने सीएम उम्मीदवार को निचली जाति से चुनती है तो उसे इसका फायदा हो सकता है।

पोल से कांग्रेस और भाजपा दोनों नाराज
वहीं इस पोल में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी का हिंदुत्व कार्ड अधिकतर लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। इस पोल के नतीजे सामने आने के बाद ना सिर्फ कांग्रेस बल्कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर नाराजगी है। इस पोल के पीछे माना जा रहा है कि डॉक्टर जी परमेश्वर हो सकते हैं जोकि दलित नेता हैं। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात करके सफाई दी है कि इसके पीछे कोई साजिश है। भाजपा ने भी इस पोल के लिए परमेश्वर पर निशाना साधा है, उसका कहना है कि इसके पीछे केपीसीसी के अध्यक्ष का ही हाथ है।












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