जहां से भरी अग्नि मिसाइल ने उड़ान, वहां रोज देते हैं लोग "अग्नि परीक्षा"
जहां से अग्नि मिसाइल की उड़ान भरवाई जाती है वहीं पर सैंकड़ों लोग रोज अग्नि परीक्षा से गुजरते हैं। यह किसी से छुपा तथ्य नहीं है कि मान विकास सूचकांक में उड़िसा सबसे गरीब राज्यों में शुमार है औऱ यहां पर कुपोषण की समस्या चरम पर है। एक अनुमान के मुताबिक ओडिशा राज्य में दो हजार से ज्यादा गांव आज भी कुपोषण की चपेट में हैं।

हैरत की बात है कि गरीबी और कुपोषण को पहले मात देने के अलावा सरकार दुश्मनों के लिए हथियार पर ताल ठोक रही है। दरअसल, केंद्र सरकार के नेतृत्व में ओडिशा के बालेश्वर से देश में निर्मित अग्नि मिसाइल-1 का सफल परीक्षा हुआ है। बताया यह जा रहा है कि यह मिसाइल सात सौ किलोमीटर तक मार करने वाली लम्बी दूरी मिसाइल होगी। इससे दुश्मनों के छक्के छुड़ाए जाएंगे।
राज्य में दो हजार से ज्यादा गांव ऐसे हैं जो लोग अग्नि परीक्षा देते हैं। रोजाना रोज मर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। जिनको दो टाइम का भोजन भी नसीब नहीं है। इसकी पुष्टि वर्ष 2012 में ही हो गई थी। राज्य में जब कुपोषण के स्तर को पता करने के लिए जांच कराई गई तो पता चला कि राज्य के 2050 गांवों में कुपोषण ही सबसे गंभीर समस्या है।
इस रिपोर्ट में कुपोषण की समस्या पर चिंतन प्रकट करते हुए बताया गया था कि दूषित पानी और मलेरिया की वजह से भी इस समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गौरतलब है कि हर साल ओडिशा से किसी न किसी मिसाइल का परीक्षण होता है। खुशी जताई जाती है, देश को विकास की ओर बढ़ता हुआ बताया जाता।












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