VIDEO: कहां से आये JNU में भारत विरोधी नारे?

नयी दिल्ली (ब्यूरो)। इन्टलेक्चूअल हब कहे जाने वाली ज्वाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु की बरसी मनाई गई। एक कार्यक्रम के दौरान अचानक भारत-विरोधी नारे लगे, जिसे सुन सब चौकन्ने रह गये। मार-पीट, झड़प और फिर वही हुआ जो आम तौर पर होता है, जांच कमेटी का गठन। इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी कौन सी विचारधारा है, जिसके परिणामस्वरूप यह सब हुआ।

JNU Campus

जानकारी के मुताबिक जेएनयू में वामपंथी और दलित संगठनों से जुड़े कुछ छात्रों ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी मनाई। इसमें कश्मीर के छात्र भी शामिल थे। बरसी के लिए बाकायदा कैंपस में कल्चरल प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसी दौरान जेएनयू कैंपस देश विरोधी नारों से गूंज गया। देखते ही देखते तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जेएनयू कैंपस में गो बैक इंडिया, कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी, भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी... जैसे नारे अगर केवल कश्मीरी छात्र लगाते, तो कहा जा सकता था कि हां, वे अपने गृह जनपद में बैठे लोगों से प्रभावित हैं। लेकिन छात्रों के इस समूह में कुछ वामपंथी और कुछ दलित छात्र भी शामिल थे। और यह साफ संकेत है विद्रोही विचारधारा के।

क्या कर रहा है जेएनयू प्रशासन

  • कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति के लिये भरा गया फॉर्म आधा भरा था व कुछ जानकारियां गलत दी गई थीं। ऐसे आवेदन को अप्रूवल कैसे मिला।

    • प्रशासन ने जिस टीम का गठन किया है, उसने गुरुवार को कार्यक्रम का वीडियो फुटेज देखा। हालांकि निष्कर्ष आना अभी बाकी है।

    • इस दौरान किस छात्र ने पिस्तौल निकाली, यह अभी पता नहीं चल सका है। पिस्तौल वाली बात केवल एबीवीपी कह रही है।
    • इन छात्रों पर पुलिस केस किया जाये, निलंबित या निष्कासित किया जाये, इस पर कमेटी विचार कर रही है।
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