उदयपुर की घटना के बाद बोले नवीन जिंदल- मुझे भी मिल रही हैं सिर काटने की धमकी
उदयपुर की घटना के बाद बोले नवीन जिंदल- मुझे भी मिल रही हैं सिर काटने की धमकी
नई दिल्ली, 29 जून: उदयपुर में मंगलवार को एक दर्जी की दिनदहाड़े गला रेत की हत्या कर दी गई। जिसके बाद उदयपुर समेत अन्य जगहों पर कोई बवाल ना बढ़े इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं अब उदयपुर में दुकानदार की हत्या के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता नवीन कुमार जिंदल ने कहा कि मुझे भी सिर काटने की धमकी मिली है।

नवीन जिंदल ने पैगंबर पर की थी टिप्पणी
नवीन कुमार जिंदल वो ही भाजपा के पूर्व नेता है जिन्हें इस महीने की शुरुआत में पैगंबर मोहम्मद पर एक ट्वीट के लिए पार्टी ने निष्कासित कर दिया था। जिंदल ने बुधवार को ट्टीट के जरिए बताया कि उन्हें धमकी मिली है कि उनका और उनके परिवार का वही अंजाम होगा, जो दर्जी कन्हैयालाल का हुआ जिसका सिर काट दिया गया।
जिंदल ने ट्टीट पर दी ये जानकारी
जिंदल ने सुबह 7:22 बजे ट्वीट किया और लिखा लगभग 6:43 बजे, मुझे भाई कन्हैया लाल के सिर काटने के वीडियो के साथ तीन ईमेल मिले। मुझे और मेरे परिवार को धमकी दी गई है कि हमें इसी तरह सिर काट दिया जाएगा। मैंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित कर दिया है। डीसीपी पूर्वी दिल्ली, स्पेशल सेल दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्नर को मुझे मिली इस धमकी को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।
बहुत जल्द तुम्हारी गर्दन काट देंगे
अपने ट्वीट के साथ पार्टी की दिल्ली इकाई के मीडिया सेल के प्रमुख ने दो कथित धमकी भरे ईमेल के स्क्रीनशॉट भी अटैच किया है। जिसमें लिखा है
आतंकवादी नवीन कुमार, अब आपकी बारी है। बहुत जल्द तुम्हारी गर्दन काट देंगे। पार्टी से निकाले जाने के बाद से जिंदल ने कई बार दावा किया कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने अपने परिवार को भी उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली से दूर भेज दिया।
दर्जी ने नूपुर शर्मा के समर्थन में लिखी थी पोस्ट
गौरतलब है कि राजस्थान के उदयपुर शहर में मंगलवार को जिस दर्जी की दो लोगों ने गला रेत कर हत्या की उसने पैगंबर पर विवादित टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा का समर्थन किया था और जब वो बाहर आया तो उसे दो लोगों ने गला रेत कर दिनदहाड़े दुकान में घुसकर मार डाला।
एनआईए कर रही मामले की जांच
वहीं दर्जी की हत्या के बाद उदयपुर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हर तरफ पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी है। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा भी लगाई गई है। वहीं केंद्र सरकार ने मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। एनआईए की एक टीम पहले से ही उदयपुर पहुंच कर जांच कर रही है।












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