घाटी में टुकड़ों में बंटकर दाखिल होने की कोशिश में आतंकी
श्रीनगर। शनिवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमले में सीआरपीएफ ने अपने आठ जवानों को गंवा दिया। इस आतंकी घटना के बाद ही सुरक्षा बलों ने बारामूला में एलओसी पर आतंकी घुसपैठ को असफल
कर एक और बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम किया है।

आतंकियों की बड़ी साजिश
जो सूचनाएं घाटी की ओर से आ रही हैं उससे साफ है कि आतंकी घाटी को बड़े पैमाने पर दहलाने की साजिश रची है। सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सेना ने दो आतंकियों को मारकर एलओसी पर घुसपैठ की साजिश को असफल किया था। यह घटना भी शनिवार की है। बारामूला के उड़ी सेक्टर में कुछ आतंकी ग्रुप्स में दाखिल होने की कोशिशों में लगे हुए थे।
अब तक जारी है एनकाउंटर
सेना की ओर बताया गया है कि आतंकियों के एक ग्रुप का पता चलने पर एनकाउंटर शुरू हुआ। इस एनकांउटर में अब तक दो आतंकियों की मौत हो चुकी है और एनकांउटर अभी तक जारी है।
वहीं कुपवाड़ा में भी सेना ने तीन अलग-अलग घटनाक्रम में पिछले दो दिनों में सात आतंकियों को मार गिराया है। इसके अलावा सुरक्षाबलों ने राजौरी में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। शनिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है।
पीएम और सीएम ने शहादत को किया सलाम
इस हमले में आठ जवानों की मौत के साथ ही आठ लोग घायल हो गए थे। राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी है और ऐसे हमलों को जम्मू कश्मीर की छवि कमजोर करने का प्रयास बताया है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकी हमले में मारे गए जवानों की बहादुरी को सलाम किया है।












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