सीरो सर्वे के नतीजों से जगी उम्मीद, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए अभी भी जरूरी हैं ये 7 बातें

आईसीएमआर ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि चौथे सीरो सर्वे के परिणाम उम्मीद की एक किरण पैदा करते हैं, लेकिन अभी भी खतरा बरकरार है।

नई दिल्ली, 21 जुलाई: केंद्र सरकार ने मंगलवार को चौथे सीरो सर्वे के परिणाम जारी किए और बताया कि देश की करीब 67.6 फीसदी आबादी में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉ़डी विकसित हो चुकी है। आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जिन लोगों में एंटीबॉडी मिली है, वो या तो कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद बनी है, या फिर वैक्सीन की डोज से। डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि हालांकि देश की आधी से ज्यादा आबादी के पास अब एंटीबॉडी है, लेकिन फिर भी बहुत एहतियात बरतने की जरूरत है। इसके साध ही केंद्र सरकार ने एक 7 पॉ़इंट की एडवाइजरी भी जारी की।

Recommended Video

    National Sero Survey: 67% Corona Antibodies, 40 करोड़ अभी भी जोखिम में | वनइंडिया हिंदी
    coronavirus

    1:- अभी खतरा बाकी है
    एचटी की खबर के मुताबिक, आईसीएमआर ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि चौथे सीरो सर्वे के परिणाम उम्मीद की एक किरण पैदा करते हैं, लेकिन अभी भी खतरा बरकरार है और इन परिणामों को देखकर संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा यानी 32 फीसदी लोग अभी भी एंटीबॉडी से दूर हैं।

    2:- अलग हो सकते हैं स्थानीय हालात
    आईसीएमआर ने कहा कि एंटीबॉडी को लेकर स्थानीय या जिला स्तर पर हालात अलग हो सकते हैं, क्योंकि नेशनल सीरो सर्वे में देश की पूरी आबादी को लेकर केवल एक सरसरी निगाह रखी गई है।

    3:- राज्य जारी रखें सीरो सर्वे
    सभी राज्यों को स्थानीय स्तर पर सीरो सर्वे जारी रखना चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोरोना वायरस के खिलाफ कितने फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बनी है। इन आंकड़ों से कोरोना वायरस के हालात पर राज्यों के स्तर पर ही एक्शन लेने में मदद मिलेगी।

    4:- कोरोना की और लहरें आ सकती हैं
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरो सर्वे के परिणाम यह बताते हैं कि भविष्य में कोरोना वायरस की और लहरें भी आ सकती हैं। इसकी वजह है कि कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का स्तर ऊंचा मिला है, जबकि कुछ राज्यों में कम है। जिन राज्यों में लोगों के एंटीबॉडी के आंकड़े कम हैं, निश्चित तौर पर वहां कोरोना की नई लहरों का खतरा सबसे ज्यादा है।

    5:- जरूरी ना हो, तो यात्रा करने से बचें
    जुलाई के पहले हफ्ते से जैसे-जैसे राज्य सरकारों ने प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू की है, वैसे-वैसे ना केवल पर्यटक स्थलों पर, बल्कि बाजारों में भी लोगों की चहलकदमी बढ़ी है। मजबूरन कुछ राज्यों में एक बार फिर से नियम सख्त करने पड़े हैं। ऐसे हालात में लोगों को जब तक जरूरी ना हो, यात्राएं करने से बचना चाहिए।

    6:- सभाओं से बनाएं दूरी
    राज्य सरकारों की तरफ से भले ही प्रतिबंधों में ढील दे दी गई है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सामाजिक, सार्वजनिक, धार्मिक और राजनीतिक सभाओं में जाने से अभी बचना चाहिए। स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही हाल में उत्तराखंड, दिल्ली और यूपी की सरकारों ने कांवड़ यात्राओं को रद्द किया है।

    7:- यात्रा करें, लेकिन वैक्सीन का सुरक्षा कवच जरूरी
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण बेहद जरूरी है। अगर किसी को यात्रा करनी है तो सुनिश्चित करें कि कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों डोज निश्चित अंतराल पर लेकर ही यात्रा की जाए।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+