Parliament Monsoon Session: सांसदों के लिए एडवाइजरी जारी, सदन में नहीं उड़ा सकेंगे पैम्फलेट
18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद का मानसून सत्र को लेकर माननीय सदस्यों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सांसदों को सलाह दी गई है कि वे सदन में किसी भी पर्चे, पत्रक और तख्ती को सदन में न वितरण करें।
नई दिल्ली, 16 जुलाई : 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद का मानसून सत्र को लेकर माननीय सदस्यों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। सांसदों को सलाह दी गई है कि वे सदन में किसी भी पर्चे, पत्रक और तख्ती को सदन में न वितरण करें। लोकसभा सचिवालय ने यह एडवाइजरी की है। इसके अनुसार, कोई भी साहित्य, प्रश्नावली, पैम्फलेट, प्रेस नोट, लीफलेट या प्रिंटेड कोई भी पर्ची लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में वितरण नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही संसद भवन परिसर के अंदर भी तख्तियां सख्त वर्जित हैं।

बता दें कि यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दलों ने संसद परिसर के भीतर प्रदर्शन और धरने की अनुमति नहीं दिए जाने पर भारी हंगामा किया था। सांसदों को दिए सलाह में कहा गया है कि माननीय सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, भूख हड़ताल या किसी धार्मिक समारोह के लिए सदन के परिसर का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
विपक्ष ने किया हंगामा
इससे पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें माननीय सदस्य संसद में पर्ची या तख्ती को फाड़ते देख गए हैं। विपक्ष के सांसद अपनी सीट से पर्ची फेंकते देखे गए हैं। राज्यसभा के कुछ सत्रों में देखे गए हैं कि जब संसद सदस्य पूरी कार्यवाही के दौरान तख्तियों को पकड़े रहते हैं और कभी-कभी तख्तियां और पर्चे फाड़कर कुर्सी पर फेंक देते हैं। संसद में किसी तरह की धरने की अनुमति न मिलने से विपक्षी दलों ने भारी हंगामा किया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने ट्वीट कर इस एडवाइजरी की आलोचना की है।
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