'लोकसभा चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती में 6 लाख वोटों का अंतर', ADR के दावों को यहां राज्यवार समझें
लोकसभा चुनाव 2024 के 4 जून को नतीजे आ चुके हैं। बीजेपी नीत वाली एनडीए ने अपने सहयोगी घटक दलों की बदौलत सरकार बना ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश की सत्ता पर काबिज हुए। लगभग 57 दिन बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चौंकाने वाला दावा किया है।
एडीआर का कहना है कि 538 सीटों में पड़े कुल वोटों और गिने गए वोटों की संख्या में लगभग छह लाख वोटों का अंतर था। एडीआर ने 362 निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 5.5 लाख वोटों की विसंगति का दावा किया है। यानी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों द्वारा दर्ज किए जाने के बावजूद इतने वोटों की गिनती नहीं की गई है। एडीआर ने यह भी दावा किया है कि 176 सीटों पर ईवीएम द्वारा दर्ज किए गए वोटों से लगभग 35 हजार अधिक वोट गिने गए। ADR ने चुनाव आयोग से मांगा अंतर का जवाब?

एडीआर के संस्थापक जगदीप छोकर ने बताया कि चुनाव आयोग के अपने आंकड़े बताते हैं कि 538 लोकसभा क्षेत्रों में डाले गए मतों और गिने गए मतों की संख्या में अंतर है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि 538 लोकसभा सीटों पर गिने गए मतों और डाले गए मतों की संख्या में इस अंतर का कारण क्या है? उन्होंने आगे कहा कि यह 2019 के चुनाव के दौरान भी हुआ था। हमने तब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा?
हालांकि, चुनाव आयोग ने असंतुष्ट उम्मीदवारों को मतगणना की दोबारा जांच करने के विकल्प दिए हैं, जिसमें किसी भी मतदान केंद्र से मशीनें उठाना और मॉक पोल और वीवीपैट पर्चियों की गणना का विकल्प चुनना शामिल है। चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह बताया था कि ऐसे आठ आवेदन प्राप्त हुए हैं।
विसंगति एक से 3,811 मतों के बीच
एडीआर द्वारा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, पहले मामले में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में विसंगति एक से 3,811 मतों के बीच थी। हालांकि, प्रत्येक मामले में जीत का अंतर उस विसंगति से काफी बड़ा था। बाद के उदाहरणों में, जिनमें डाले गए मतों से कम मत गिने गए थे, प्रति सीट अंतर एक से 16,791 के बीच था। इन मामलों में भी परिणामों में संभवतः कोई बदलाव नहीं हुआ होगा।
हालांकि, पांच सीटें ऐसी भी थीं, जहां जीत के अंतर और 'अनगिनत' वोटों के बीच का अंतर 1,300 से कम था। इनमें से तीन सीटें बीजेपी (उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) ने जीतीं, एक कांग्रेस (पंजाब) ने जीती और एक उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने जीती।
एडीआर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
यह डेटा सुप्रीम कोर्ट द्वारा एडीआर की याचिका पर सुनवाई शुरू करने से एक दिन पहले जारी किया गया है, जिसमें विभिन्न कारणों से खारिज किए गए वोटों सहित सभी मतदाता संख्याओं को जारी करने की मांग की गई है।
यहां समझें राज्यवार अंतर
गिने गए मतों की संख्या डाले गए मतों से कम है
- आंध्र प्रदेश - 85777
- ओडिशा- 63123
- यूपी- 53960
- तमिलनाडु- 51935
- असम- 38872
- महाराष्ट्र- 38710
- बंगाल- 34856
- झारखंड- 26342
- केरल- 19848
- छत्तीसगढ़- 16849
- गुजरात- 15141
- तेलंगाना- 14969
- कर्नाटक- 14649
- मध्य प्रदेश- 13529
- बिहार- 9924
- दिल्ली- 8159
- मणिपुर- 7060
- उत्तराखंड- 6315
- हरियाणा- 5959
- राजस्थान- 3853
- हिमाचल- 3770
- अरुणाचल- 3617
- नागालैंड- 3353
- जम्मू-कश्मीर- 3281
- पाडुचेरी- 3235
- पंजाब- 2750
- सिक्किम- 1896
- मेघालय- 1843
- त्रिपुरा- 760
- मिजोरम- 124
- लद्दाख- 113
- अंडमान-निकोबार- 26
- गोवा- 0
- चंडीगढ़- 0
- लक्षद्वीप- 0
डाले गए मतों से अधिक मत गिने गए
- आंध्र प्रदेश - 3722
- ओडिशा- 2146
- यूपी- 6124
- तमिलनाडु- 2485
- असम- 3856
- महाराष्ट्र- 1642
- बंगाल- 1037
- झारखंड- 393
- केरल- 775
- छत्तीसगढ़- 44
- गुजरात- 380
- तेलंगाना- 84
- कर्नाटक- 593
- मध्य प्रदेश- 4744
- बिहार- 5015
- दिल्ली- 0
- मणिपुर- 0
- उत्तराखंड- 0
- हरियाणा- 93
- राजस्थान- 869
- हिमाचल- 0
- अरुणाचल-0
- नागालैंड- 0
- जम्मू-कश्मीर- 69
- पाडुचेरी- 0
- पंजाब- 740
- सिक्किम- 0
- मेघालय- 200
- त्रिपुरा- 52
- मिजोरम- 0
- लद्दाख- 0
- अंडमान-निकोबार- 0
- गोवा- 26
- चंडीगढ़- 1
- लक्षद्वीप- 0












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