'मुझे खेद है, खो बैठा था संयम', तेलुगु अभिनेता मोहन बाबू ने पत्रकार से की मुलाकात, मांगी माफी
Actor Mohan Babu: पत्रकार पर कथित हमला करने के मामले में तेलुगू अभिनेता मोहन बाबू ने रविवार को टीवी पत्रकार से अस्ताल में मुलाकात की। इस दौरान मोहन बाबू ने पत्रकार से माफी भी मांगी। दरअसल, एक्टर ने अपने घर पर सवाल पूछने के लिए आए टीवी पत्रकार माइक छीनकर उस पर हमला किया था।
इसी घटना को लेकर उन्होंने पत्रकार और संगठन से माफी मांगी। एक्टर ने घटना पर खेद व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लेटर पोस्ट किया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पत्रकार एम रंजीत कुमार ने बताया कि मोहन बाबू ने उनसे, उनके परिवार और पूरे पत्रकार समुदाय से माफ़ी मांगी है।

मोहन बाबू के बड़े बेटे मंचू विष्णु भी अस्पताल में उनके साथ थे। दोनों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अभिनेता ने रंजीत कुमार को आश्वासन दिया कि जब वह ठीक हो जाएंगे और अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी, तो वह उनके घर आएंगे। मोहन बाबू ने टीवी चैनल के प्रबंधन को भी इस संबंध में एक पत्र लिखा और अपना पक्ष स्पष्ट किया।
मोहन बाबू ने 13 दिसंबर को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं अपने कार्यों के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं, जिससे मुझे दर्द और परेशानी हुई है, और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की हार्दिक कामना करता हूं। मुझे गहरा अफसोस है कि इस तनावपूर्ण क्षण में मेरी प्रतिक्रिया से आपके सम्मानित संगठन और रंजीत के परिवार को पीड़ा हुई है।'
बता दें कि यह विवाद तब हुआ जब रंजीत कुमार 10 दिसंबर को मोहन बाबू के जलपल्ली स्थित आवास पर मोहन बाबू और उनके छोटे बेटे मनोज से जुड़े पारिवारिक विवाद की रिपोर्टिंग करने गए थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने कथित तौर पर माइक छीन लिया और 'अपशब्दों और गंदी भाषा' का इस्तेमाल किया।
इस हमले में मुझे सिर में चोट लग आई। शिकायत के आधार पर पहाड़ीशरीफ पुलिस स्टेशन में अभिनेता के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था। खबर के मुताबिक, मोहन बाबू के परिवार के भीतर "मतभेद" 9 दिसंबर को सार्वजनिक हो गए, जब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जिसमें आरोप लगाया गया कि मनोज और उनकी पत्नी ने धमकी और बल के माध्यम से उनके जलपल्ली स्थित घर पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। हालांकि, मनोज ने कहा था कि उनकी लड़ाई "संपत्ति में हिस्सेदारी" के लिए नहीं बल्कि "आत्मसम्मान और अपनी पत्नी और बच्चों की सुरक्षा" के लिए है।
इससे पहले पुलिस ने मोहन बाबू की शिकायत के आधार पर मनोज और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मोहन बाबू ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिना किसी डर के अपने घर में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए पुलिस सुरक्षा का भी अनुरोध किया था।
इसके अलावा, मनोज की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 8 दिसंबर को 10 अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आए थे। मनोज ने दावा किया कि जब उसने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो हाथापाई के दौरान वह घायल हो गया।












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