2 महीने बाद जेल से बाहर आईं तीस्ता सीतलवाड़, सुप्रीम कोर्ट ने कल दी थी अंतरिम जमानत
अहमदाबाद, 03 सिंतबर: गुजरात दंगों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित तौर पर सबूत गढ़ने के आरोप में जेल में बंद एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ शनिवार को जेल से बाहर आ गईं। वह पिछले 2 महीनों से जेल में बंद थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम जमानत मंजूर किए जाने के एक दिन बाद सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को शनिवार को जेल से रिहा कर दिया गया।

तीस्ता सीतलवाड़ 26 जून को गिरफ्तारी के बाद से ही यहां साबरमती केंद्रीय कारागार में बंद थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जमानत की औपचारिकताओं के लिए सीतलवाड़ को सत्र न्यायाधीश वी ए राणा के समक्ष पेश किया गया था। विशेष लोक अभियोजक अमित पटेल ने कहा, "सत्र अदालत ने शीर्ष अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अलावा दो अन्य शर्तें भी लगाईं।
सत्र अदालत ने आरोपी सीतलवाड़ को 25,000 रुपये का निजी मुचलका भरने और उसकी पूर्व अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ने का आदेश दिया। इससे पहले तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार ने जमकर विरोध किया था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि, वह किसी हत्या की दोषी नहीं हैं जो उन्हें जमानत ना दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट अदालत ने गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट में सीतलवाड की जमानत याचिका को सूचीबद्ध करने में देरी का कारण जानना चाहा था और पूछा था कि क्या 'इस महिला को अपवाद समझा गया है। न्यायालय ने इस बात पर भी अचरज जाहिर किया था कि आखिरकार हाईकोर्ट ने सीतलवाड की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करने के छह हफ्ते बाद 19 सितंबर को याचिका सूचीबद्ध क्यों की।












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