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हाफिज सईद के संगठन पर अमेरिकी दबाव में कार्रवाई नहीं हुई- पाक रक्षा मंत्री

By Vikashraj Tiwari
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नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने साफ किया है कि हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत-फाउंडेशन पर कार्रवाई अमेरिका के दबाव में नहीं की गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने बुधवार को कहा कि हाफिज सईद के संगठन पर शिंकजा कसने का फैसला काफी विचार विमर्श के बाद हुआ है इसमें किसी तरह का अमेरिकी दबाव नहीं है। आपको बता दें कि आनन-फानन में पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुंबई आतंकी हमले के मास्‍टर माइंड और मोस्‍टवांटेड आतंकवादी हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा पर पाकिस्‍तान ने विदेशी फंड लेने पर बैन लगा दिया है। इसके अलावा तीन अन्‍य संगठनों पर कार्रवाई की गई है।

हाफिज के संगठन पर चैरिटी जुटाने पर रोक

हाफिज के संगठन पर चैरिटी जुटाने पर रोक

सोमवार को अमेरिकी दबाव के बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा कि वो हाफिज के संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को अपने नियंत्रण में लेने वाली है। पाकिस्तान सरकार ने इन दोनों संगठनों पर चैरिटी जुटाने पर रोक लगा दी है। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने कानून मंत्रालय और सभी पांच प्रांतों की सरकारों को इस बारे में विस्तृत योजना बनाने को कहा है। अमेरिका द्वारा आतंकी घोषित किए गए हाफिज सईद के बारे में यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। हाफिज सईद नजरबंदी से रिहा होने के बाद आम चुनावों में उतरने की तैयारी में है। अमेरिका बहुत पहले से ही फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन और जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड एकत्रित करने वाला चैरिटी बता चुका है। हाफिज सईद ने 1987 में लश्कर-ए-तैयबा का गठन किया था।

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी फ्रंट

लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी फ्रंट

अमेरिका ने जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी फ्रंट घोषित किया हुआ है। इस संगठन पर भारत में 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले करने का आरोप है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। सईद के खिलाफ तैयार हुआ ताजा दस्तावेज फाइनैंशियल एक्शन टास्क फोर्स को भी संबोधित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय संगठन मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग को रोकने का काम करता है। यह संगठन पाकिस्तान पर आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।

राजनीति में आना चाहता है हाफिज सईद

राजनीति में आना चाहता है हाफिज सईद

हाफिज सईद के पाकिस्तानी राजनीति में आने को लेकर भारत के अलावा अमेरिका ने भी पाकिस्तान से चिंता जाहिर की थी। इसलिए पाक सरकार का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। आपको बता दें कि सईद करीब 300 धार्मिक शिक्षण संस्थान और स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विस चलाता है. उसके इन दोनों संगठनों में करीब 50 हजार स्वयंसेवक और सैकड़ों कर्मचारी हैं। अमेरिका ने हाफिज सईद 1 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ है। राजनीति में आने की कोशिश कर रहे सईद ने मिल्ली मुस्लिम लीग नामक नई राजनीतिक पार्टी भी बनाई है।

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English summary
Action against JuD, FIF not taken under donald trump pressure says Pakistan defence Minister
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