अच्छे दिन- एक साल में लखनऊ में बने 9.48 लाख रिकॉर्ड पासपोर्ट
लखनऊ। केंद्र सरकार अपने अच्छे दिनों के नारे को लेकर हमेशा से विपक्षी दलों के निशाने पर रहती है। लेकिन पासपोर्ट बनाने के मामले में केंद्र सरकार वाकई में लोगों के लिए अच्छे दिन लाने में सफल रही है। पासपोर्ट बनवाने के मामले में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ नंबर वन साबित हुई है। वर्ष 2015-16 में लखनऊ में सर्वाधिक पासपोर्ट बनाये गये हैं।
एक वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 9.48 लाख पासपोर्ट बनाकर उत्तर प्रदेश ने भारत में इस पासपोर्ट बनाने के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। प्रदेश में इस साल कुल 13.37 लाख पासपोर्ट बनाये गये जिसमें लखनऊ शीर्ष पर है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए जो कदम सबसे कारगर साबित हुआ है वह है दस्तावेजों के पास होने में रुकावट और व्यवधान का कम होना।
पुलिस वेरिफिकेशन, दस्तावेजों के सत्यापन और साक्षात्कार के लिए दिये जाने वाले समय में काफी सहूलियत दी जानी की व्वयस्था शुरु होने की वजह से इस उपलब्धि का हासिल करने में सबसे अधिक मदद मिली है।

पासपोर्ट मेला रहा सबसे कारगर
पासपोर्ट बनवाने के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा लगाये गये पासपोर्ट मेला काफी कारगर साबित हुए।

पुलिस से मिली सबसे ज्यादा मदद
रीजनल पासपोर्ट अधिकारी आरएन राय का मानना है कि पुलिस की मदद के चलते इस मुकाम को हासिल करने में सफलता मिली है। 90 फीसदी वेरिफिकेशन सिर्फ दो हफ्ते में किया गया।

13.37 लाख में से 12 लाख सिर्फ 21 दिन में बने
उत्तर प्रदेश में कुल 13.37 लाख पासपोर्ट में से 12 लाख पासपोर्ट सिर्फ 21 दिन में बन गये जिसके चलते आवेदकों को समय से पहले पासपोर्ट उनतक डाक के जरिए भेजा गया।

विदेश मंत्रालय ने हर वेरिफिकेशन के लिए दिया 150 रुपए
यूपी पुलिस को इस वर्ष कुल 19 करोड़ रुपए दस्तावेजों के सत्यापन के लिए मिले जोकि एक रिकॉर्ड है। इससे पहले पुलिस की कमाई इस मामले में सिर्फ 6 से 7 करोड़ रुपए थी।

हैदराबाद है दूसरे नंबर पर
लखनऊ के बाद हैदराबाद पासपोर्ट जारी करने के मामले में दूसरे स्थान पर है। हैदराबाद में एक वित्तीय वर्ष में 7.60 लाख पासपोर्ट जारी किये गये।

बेंगलुरू है तीसरे नंबर पर
लखनऊ, हैदराबाद के बाद बेंगलुरू ने एक वित्तीय वर्ष में 6.33 लाख पासपोर्ट जारी करके इस सूचि में तीसरा स्थान दर्ज किया है।

कोलकाता चौथे नंबर पर
एक वित्तीय वर्ष में कुल 6.13 लाख पासपोर्ट जारी करके कोलकाता इस सूची में चौथे नंबर पर है।

देश की राजधानी पांचवे नंबर पर
देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली में एक वित्तीय वर्ष में कुल 5.06 लाख पासपोर्ट जारी किये गये।












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