दुनिया की 7 ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहराने वाले कर्नल कैसे कर रहे थे चुशुल में सैनिकों की मदद
लेह। 29 और 30 अगस्त की रात एक बार फिर चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की। इस बार उसने पैंगोंग त्सो के दक्षिण में कब्जे की कोशिशें कीं। लेकिन उसकी हर कोशिश सफल हो गई और उसे मुंह की खानी पड़ी। इस पूरे अभियान में अब भारतीय सेना के उस सैनिक का नाम आ रहा है जो सिर्फ एक जाबांज ऑफिसर ही नहीं बल्कि एक सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोही भी हैं। कर्नल रणवीर सिंह सेना के महानतम पर्वतारोही हैं, ये बात हर किसी को मालूम है लेकिन कोई यह नहीं जानता है कि चीनी सैनिकों को खदेड़ने में उनका रोल भी बहुत अहम है।

बताया कैसे चढ़ना है पहाड़ पर
कर्नल रणवीर ने बतौर पर्वतारोही अपनी क्षमताओं का प्रयोग किया और सैनिकों को बताया कि उन्हें कैसे स्पांग्गुर गैप की ऊचांईयों पर जीत हासिल करनी है। स्पांग्गुर गैप भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत ही अहमियत रखता है। कर्नल जामवाल सेना की जाट रेजीमेंट से आते हैं। वह उन ऑपरेशंस का बड़ा हिस्सा थे जिसे 16,000 फीट पर ऊंची चोटियों पर पकड़ बनाने के लिए चलाया गया था। कर्नल जामवाल सेना के इकलौते ऐसे ऑफिसर हैं जो 8,848 मीटर पर माउंट एवरेस्ट समेत सभी सात महाद्वीपों की ऊंची चोटियों को फतेह कर चुके हैं जिनमें एशिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका, अंटार्किटका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया आते हैं।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोही
ऐसे में जब 29-30 अगस्त की रात को घुसपैठ के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें ही इस कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ समझा गया। जम्मू कश्मीर के रहने वाले कर्नल जामवाल एक सैनिक के ही बेटे हैं। उन्हें देश के सर्वोच्च एडवेंचर पुरस्कार तेनजिंग नोरगे अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है और साल 2013 में उन्हें यह पुरस्कार मिला था। इस समय उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोही समझा जाता है। वह माउंट एवरेस्ट को चार बार फतेह कर चुके हैं। दुनिया की 30 चोटियों पर तिरंगा लहरा चुके कर्नल जामवाल ने जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग स्थित सेना के हाई ऑल्टीट्यूट वॉरफेयर स्कूल (हाव्स) से पर्वतारोहण का कोर्स किया।

30 चोटियों पर लहराया है तिरंगा
जिन 30 चोटियों पर उन्होंने तिरंगा लहराया है उनमें माउंट एवरेस्ट के अलावा, साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी, माउंट अकोनकागुआ, यूरोप का माउंट एल्ब्रुस, अफ्रीका का माउंट किलिमंजारो, ऑस्ट्रेलिया का कारस्टेनस्जे पिरामिड और नॉर्थ अमेरिका का माउंट डेनाली जैसे नाम शामिल हैं। 19 नवंबर 2017 को उन्हें इंडियन माउंटेनयरिंग फाउंडेशन की तरफ से गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 26 जनवरी 2016 में जम्मू कश्मीर की सरकार ने उन्हें खेलकूद के लिए दिए जाने वाला पुरस्कार शेर-ए-कश्मीर से नवाजा।

17493 फीट पर भारत के सैनिक
भारत ने फिर से उस रेकिन पास को अपने कब्जे में कर लिया है जो सन् 1962 में हुई जंग में उसके हाथ से चला गया था। भारत की स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) ने ब्लैक टॉप पर कब्जा किया हुआ है। भारतीय सुरक्षाबल रेकिन के करीब 4 किलोमीटर अंदर तक दाखिल हो गए हैं। रेकिन, रेजांग ला पास के करीब है और यह 17493 फीट की ऊंचाई पर है। यहां से स्पानग्गुर झील और S301 नजर आता है। सूत्रों की तरफ से कहा गया है कि चुशुल में ऊंची चोटियों और यहां से गुजरने वाले रास्तों पर दोनों ही देश अपना-अपना दावा करते थे। लेकिन अब भारत को यहां पर बढ़त मिल चुकी है।












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