1936 दंगे के बाद 'आप' नेता योगेन्द्र यादव का नाम सलीम पड़ गया

एक मुस्लिम भीड़ को स्कूल में घुसने से रोकने का प्रयास करने पर उनकी हत्या कर दी गई। उस समय मेरे पिता सात साल के थे। देश के बंटवारे के दौरान उन्होंने भी कत्लेआम देखा। इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों को मुस्लिम नाम देने का फैसला किया। हालांकि, सामाजिक दबाव के चलते पांच साल की उम्र में सलीम के आधिकारिक नाम को बदलकर योगेंद्र कर दिया गया था। आप नेता रमजान चौधरी पूर्व में इस बात से वाकिफ नहीं थे।
उन्होंने कहा कि जब यादव के परिवार के सदस्यों ने उन्हें सलीम पुकारा तो वह भ्रमित हो गए थे। आप की हरियाणा चुनाव समन्वय समिति के सदस्य चौधरी ने कहा, "करीब सात साल पहले मुझे पता चला कि योगेंद्र को परिवार में सलीम नाम से पुकारा जाता है।" यादव की पत्नी मधुलिका बनर्जी दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वह भी उन्हें सलीम बुलाती हैं।












Click it and Unblock the Notifications