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आमिर खान ने बताया वो किस्सा, जब पहली फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बावजूद कमरा बंद कर रोते थे

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नई दिल्ली। आमिर खान लंबे समय से हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारे हैं। उनको भारत के बाहर भी अपने काम से काफी पहचान मिली है। हालांकि उनके करियर में भी ऐसे मौके आए जब फिल्में नहीं चलीं और वो इतने उदास हुए कि कमरे में बैठकर रोते थे। आमिर खान ने बेनेट यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में छात्रों विद्यार्थियों के साथ बातचीत में ये कहा है।

एक के बाद एक फ्लॉप होने लगी फिल्में

एक के बाद एक फ्लॉप होने लगी फिल्में

आमिर खान की पहली फिल्म कयामत से कयायत तक 1988 में रिलीज हुई और बहुत बड़ी हिट साबित हुई। इसने आमिर को रातोंरात स्टार बना दिया। आमिर ने बेनेट यूनिवर्सिटी में बोलते हुए कहा, 'कयामत से कयामत तक' के बाद मैंने आठ-नौ फिल्में साइन कीं। उस समय ये सभी निर्देशक नए थे। जिन फिल्मों को मैंने साइन किया, वे एक के बाद एक रिलीज और फ्लॉप होने लगीं। इसने मुझे परेशान कर दिया।

मीडिया ने कहा था- वन फिल्म वंडर

मीडिया ने कहा था- वन फिल्म वंडर

आमिर कहते हैं कि पहली फिल्म के सुपरहिट होने के बाद जो हालत मेरी फिल्मों की हो रही थी उस पर प्रेस में मुझे 'वन फिल्म वंडर' लिखा जाने लगा। मैं बहुत ज्यादा परेशान होने लगा। मैं सोचता था कि मैं अब खत्म हो रहा हूं। मेरा करियर खत्म हो जाएगा। 'कयामत से कयामत तक' के पहले दो सालों में मैंने अपने जीवन की सबसे कमजोर अवस्था का अनुभव किया।

घर आकर खूब रोता था

घर आकर खूब रोता था

आमिर बताते हैं कि ये वो दौर था कि जिन लोगों के साथ मैं काम करना चाहता था, वे मेरे साथ काम करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। मुझे लगता था कि मैं किसी जल्दी में हूं। मैं बहुत दुखी था और घर आकर रोया करता था। समझ नहीं आता था कि कैसे करियर बचेगा और कैसे मुझे अब आगे काम करना है।

फिर लिया ये बड़ा फैसला

फिर लिया ये बड़ा फैसला

आमिर खान ने बताया कि इसी दौर में जब मेरी फिल्में नहीं चल रही थीं तो मैंने एक बड़ा फैसला लिया कि करियर भले ही खत्म हो जाए, लेकिन जब तक मुझे अच्छा डायरेक्टर, अच्छी स्क्रिप्ट नहीं मिलेगी, मैं कोई फिल्में साइन नहीं करूंगा। इसके बाद मैंने हमेशा बेहतर स्क्रिप्ट का इंतजार किया। इससे मुझे करियर में फायदा हुआ। आमिर ने 44 साल की उम्र में फिल्म '3 इडियट्स' में कॉलेज छात्र के रोल को स्वीकार करने पर बात करते हुए कहा कि उन्हें ये लगा तो था कि कॉलेज के छात्र का रोल कर पाएंगे लेकिन फिल्म में 'सफलता के पीछे मत भागो, काबिल बनो' का विचार उन्हें बहुत पसंद आया और उन्होंने फिल्म के लिए हां कह दी।

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English summary
Aamir Khan when I was called one film wonder after Qayamat Se Qayamat Tak
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