राज्यपाल के एक फोन कॉल से जम्मू कश्मीर में गिर गई महबूबा सरकार
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में गठबंधन सरकार में शामिल पीडीपी और बीजेपी राहें अलग हो चुकी हैं। मंगलवार को बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को सरकार गिरने की जानकारी राज्यपाल एनएन वोहरा ने फोन करके दी थी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मंगलवार को महबूबा मुफ्ती सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में थीं। तभी मुख्य सचिव बी बी व्यास के पास राज्यपाल का फोन कॉल आया और उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री से बात कराने के लिए कहा।

राज्यपाल ने महबूबा को बीजेपी के फैसले की जानकारी दी जो उन्हें बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना द्वारा भेजे गए एक पत्र से मिली थी। इसके कुछ ही मिनटों के बाद दिल्ली में दोपहर करीब दो बजे बीजेपी के महासचिव राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से अलग होने की घोषणा कर दी। राज्यपाल को गठबंधन सरकार से भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बारे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और भाजपा विधायक दल के नेता क्रमश: रवींद्र रैना और कवींद्र गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर वाला एक पत्र फैक्स के जरिये प्राप्त हुआ था।
महबूबा ने फोनकॉल पर चुपचाप राज्यपाल की बात सुनी और कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ बातचीत करने की जरूरत नहीं है और वह अपना इस्तीफा सौंप रहीं हैं। इसके बाद महबूबा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में डर की नीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां अलग-अलग विचारधारा को मानती हैं, लेकिन फिर भी सत्ता के लिए नहीं बल्कि बड़े विजन को साथ लेकर हमने BJP के साथ गठबंधन किया था।












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