क्रांति अमर रहे के नारे के नाम पर 7-8 लोगों को उतारा मौत के घाट

दिल्ली में एक ऐसा गैंग जो समाज सेवा ने नाम करता है लोगों की हत्याएं, क्रांति के नाम पर 7-8 लोगों को मौत के घाट उतारा

नई दिल्ली। "हम अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं। हम समाज में हो रहे अपराध के विरोधी हैं। हमे उत्पीड़न से मुक्ति चाहिए, अगर इसके लिए हमे हथियार भी उठाने पड़े तो वह भी सही है।" यह लेख उस समूह का है जो खुद को "समाज का रक्षक" बता रहा है और एक अपराध मुक्त समाज बनाने का दावा कर रहा है। यह लेख दिल्ली के द्वारका सेक्टर 22 में पाया गया है, जिसे 32 वर्षीय एक व्यापारी की हत्या के बाद उसके शव के पास छोड़ा गया था। द्वारका में सोमवार को कथित समाज के रक्षक के नाम पर कुछ लोगों ने व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी।

प्रेमी युगल का साथ देने की वजह से हत्या

प्रेमी युगल का साथ देने की वजह से हत्या

जानकारी के अनुसार व्यापारी का नाम विकास बताया गया है। विकास की हत्या के तार 14 जुलाई को हुई एक 23 साल के एक युवक की हत्या से जुड़े हुए हैं। इस युवक का नाम हेमंत कुमार बताया गया है। हेमंत की हत्या भी इसी तथाकथित संगठन ने की थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि हेमंत का इस समूह के एक सदस्य की बहन से प्रेम संबंध था जो इस समूह को मंजूर नहीं था। जिस वजह से हेमंत को मौत के घात उतार दिया गया। जानकारी के अनुसार विकास ने इस प्रेमी युगल का साथ दिया था जिस वजह से उसको भी अपनी जान गवानी पड़ी।

7-8 हत्याएं कर चुका है यह गैंग

7-8 हत्याएं कर चुका है यह गैंग

शव के पास जो पत्र प्राप्त हुआ है उसके अनुसार हेमंत ने एक लड़की को सताया था जिसका उसे सबक सिखा दिया गया है और बलात्कारियों को बिलकुल भी नहीं बक्शा जाएगा। यह समूह कथित रूप से 7 से 8 हत्याओं में शामिल है और जिस कार से यह लोग घटना को अंजाम दे रहे हैं वह भी चोरी की कार है।

21 साल के प्रदीप को भी गैंग ने मौत के घाट उतारा

21 साल के प्रदीप को भी गैंग ने मौत के घाट उतारा

समहू के कथित सदस्यों ने मंगलवार दोपहर को फिर एक घटना को अंजाम दिया है। २१ साल के प्रदीप को मारने में भी इसी गैंग का हाथ बताया जा रहा है। प्रदीप की मोटरसाइकिल कंझावला में इन लोगो की कार से टकरा गई थी, जिस कारण इस समूह ने उसको भी मौत के घाट उतार दिया। यह घटना द्वारका की घटना के ठीक एक दिन बाद हुई।

मामूली झड़प में कर देते हैं हत्या

मामूली झड़प में कर देते हैं हत्या


प्रदीप अपने भाई पवन के साथ मोटरसाइकिल से इस समूह की वर्ना कार से गलती से टकरा गया था। थोड़ी झड़प के बाद इस समूह के एक युवक ने कथित रूप से एक पिस्तौल निकाल के प्रदीप पर चला दी। पवन ने बाद में अभियुक्त की पुष्टि की है जो द्वारका वाले मामले में भी संदिग्ध है।

पुलिस ने भटकाने की तरीका माना

पुलिस ने भटकाने की तरीका माना

इस समूह ने अपने लेख में भ्रष्टाचारी डॉक्टरों, जुआरियों, बलात्कारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा किया है। लेकिन पुलिस का मानना है कि यह लेख सिर्फ जांच पड़ताल के कार्य को भटकाने के लिए लिखा गया है। इस गिरोह के दावे को खारिज करते हुए पुलिस ने बताया की ऐसा भी हो सकता है कि यह गिरोह किसी से सुपारी लेकर अपने काम को अंजाम दे रहा हो।

समाजसेवा में हो रही हैं हत्याएं

शव के पास मिले पत्र में तमाम गैंग के लोगों का नाम भी लिखा गया है। इस एक पन्ने के लेख में इस गैंग के सदस्यों के नाम भी लिखे हुए हैं, जो दावा करते हैं कि वह समाज में बुराई मिटाने का काम कर रहे हैं। गैंग का यह भी दावा है कि यह हत्याएं समाज में शांति बनाने के मकसद से की गई हैं और ये लोग आगे भी इसी तरह से अपने कार्यों को अंजाम देते रहेंगे।

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