91वर्षीय MLA शिवशंकरप्पा हैं सबसे बुजुर्ग उम्मीदवार,कांग्रेस ने दिया टिकट तो बोले- सरपट दौड़ने वाला घोड़ा हूं
कर्नाटक चुनाव में 91वर्षीय शिवशंकरप्पा लड़ रहे चुनाव, जानें कर्नाटक के सबसे उम्रदराज विधायक के बारे में

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो चुकी है। 20 अप्रैल उम्मीदवारों को नामांकन करने कीआखिरी तारीख है। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस के एक उम्मीदवार की चर्चा जमकर हो रही है। वजह कांग्रेस के उम्मीदवार की उम्र है। ये कर्नाटक के सबसे उम्रदाराज उम्मीदवार हैं। जिनकी उम्र 91 साल है और वो कांग्रेस के मौजूद विधायक हैं और इस बार भी चुनाव मैदान में उतरे हैं और उन्हें अपीन जीत पर पूरा भरोसा है।

91 साल के शमनूर ने खुद को सरपट दौड़ने वाला घोड़ा बताया
कर्नाटक के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार का नाम शमनूर शिवशंकरप्पा है, 91 साल की उम्र में चुनाव मैदान में उतरे इस विधायक को अभी भी अपनी जीत पर पूरा भरोसा है। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे शमनूर ने खुद को सरपट दौड़ने वाला घोड़ा बताया है।
मेरे पास लोगों का समर्थन और भगवान का आशीर्वाद है
कांग्रेस के दिग्गज, पांच बार के विधायक और पूर्व लोकसभा सदस्य, को दावणगेरे दक्षिण से चुनाव लड़ने के लिए देश की सबसे पुरानी पार्टी द्वारा फिर से टिकट देकर उन पर भरोसा जताया है। शमनूर शिवशंकरप्पा बोले मेरे पास लोगों का समर्थन और भगवान का आशीर्वाद है,और क्या चाहिए?
दावणगेरे के वास्तव में एक पर्याय बन चुके हैं
शिवशंकरप्पा मध्य कर्नाटक में दावणगेरे के वास्तव में एक पर्याय बन चुके हैं, उन्होंने टिकट मिलने पर मुस्कुराते हुए अपनी इस बार फिर चुनाव में जीत का भरोसा उन्होंने जताया।
बोले हमेशा सरपट दौड़ने वाले घोड़ों को चुना जाता है
कांग्रेस ने उन्हें उनको इस उम्र में कैसे टिकट दिया? इस सवाल का जवाब मजाकिया अंदाज में देते हुए उन्होने कहा कि हमेशा सरपट दौड़ने वाले घोड़ों को दौड़ के लिए चुना जाता है। मैं एक ऐसा ही घोड़ा हूं। मैं चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीतने जा रहा हूं।
भाजपा के अजय कुमार से होगा मुकाबला
10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में बुजुर्ग राजनेता, जो प्रभावशाली वीरशैव महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इस चुनाव में उनकी मुख्य लड़ाई भाजपा के बीजी अजय कुमार से है, जो दावणगेरे के पूर्व मेयर हैं।
312.75 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं एसएम
एसएस नाम से लोग इनके क्षेत्र के लोगा बुलाते हैं। इस उम्र में भी वो काफी एक्टि हैं सुनने की क्षमता हो या बोलने का अंदाज एक अधेड़ नेता जैसा ही है। ये स्पष्टता के साथ अपने मन की बात कहते हैं। उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय 312.75 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है।
मुस्लिम और लिंगायत सभी मेरे साथ हैं
जब उनसे एक पत्रकार ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि उनकी जगह पर अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को टिकट मिलना चाहिए था, तो कांग्रेस नेता ने मजाक में डांटते हुए कहा मुसीबत पैदा मत करो। सभी मेरे साथ यहां (दावणगेरे दक्षिण) हैं। आपको इसके बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम और लिंगायत सभी मेरे साथ हैं।
विधायक के हैं हॉस्पिटल और इंजीनियरिंग कालेज
दावणगेरे में मेडिकल, इंजीनियरिंग और नर्सिंग कॉलेज चलाने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् शिवशंकरप्पा ने कहा कि चुनावी मैदान में उनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है और उन्हें चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है।
शेट्टार को कांग्रेस में लाने में निभाई अहम भूमिका
शिवशंकरप्पा की राजनीतिक कुशाग्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जगदीश शेट्टार को कांग्रेस में शामिल कराने का काम सौंपा।
जानें शेट्टार से क्या है इनका रिश्ता
भाजपा ने शेट्टार को आगामी चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। कांग्रेस ने तुरंत उन्हें शिवशंकरप्पा के माध्यम से शामिल कर लिया, इनकी पोती और एसएस गणेश की बेटी आंचल शेट्टार की बहू हैं।
बेटे को भी कांग्रेस ने मैदान में उतारा है
कांग्रेस ने शिवशंकरप्पा के बेटे और पूर्व मंत्री एस एस मल्लिकार्जुन को दावणगेरे उत्तर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया है।












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