• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

दिल्ली हिंसा में 82 लोगों को गोली लगी, 350 कारतूस हुए हैं बरामद

|

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा के दौरान अबतक कुल 38 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि तकरीबन 200 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीन दिनों तक दिल्ली में हुई हिंसा में 82 लोगों को गोली लगने की खबर है। जिसमे से जिन लोगों को गोली लगी है उसमे से 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमे हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल भी शामिल हैं। उनकी सोमवार की सुबह गोली लगने से मौत हो गई थी। दिल्ली हिंसा पर अभी तक पुलिस ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसके अनुसार कुल 250 लोग हिंसा से प्रभावित हुए हैं, जिसमे मृतक व घायल दोनों शामिल हैं। पुलिस की रिपोर्ट के बाद बड़ा सवाल खड़ा होता है कि दंगाईयों के पास बंदूक कहां से आई।

350 कारतूस मिले

350 कारतूस मिले

जिन 38 लोगों की अभी तक दिल्ली हिंसा में मौत हुई है उसमे से 29 लोगों की पहचान हो सकी है। दिल्ली हिंसा में एक व्यक्ति को जलाकर मार दिया गया था। जबकि कुछ लोगों पर तेजाब, चाकू से हमला किया गया। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस को हिंसा के बाद मौके से 350 कारतूस मिले हैं। जांच के दौरान हमने पाया कि ये .32 एमएम, .9 एमएम, .315 एमएम के कारतूस हैं। जबकि कुछ कारतूस खिलौने वाली बंदूक की भी है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि छोटे अपराधियों ने देसी कट्टे और बुलेट्स इकट्ठा कर रखे थे और इन लोगों ने बेरोजगार युवकों, मजदूरों को ये हथियार दिए थे और हिंसा में शामिल होने के लिए उन्हें भड़काया था।

कई सबूत मिले

कई सबूत मिले

दिल्ली हिंसा की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया किक पुलिस को कई तकनीकी सबूत मिले हैं, जिससे साबित होता है कि स्थानीय अपराधी, जिन्हें पहले भी चोरी, स्नैचिंग, जेब काटने आदि के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है, इन लोगों ने हिंसा करने वालों को हथियार मुहैया कराए थे। हिंसा के बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस इन लोगों के घरों और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसमे से कई अपराधी फरार हैं।

48 एफआईआर दर्ज

48 एफआईआर दर्ज

गुरुवार शाम को गृहमंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पिछले 36 घंटे में नॉर्थ ईस्ट जिले में हिंसा प्रभावित किसी भी थाना क्षेत्र में हिंसा की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। शुक्रवार को हालात को देखते हुए सेक्शन 144 से लोगों को राहत दी जा सकती है। अभी तक दिल्ली हिंसा में कुल 48 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमे दंगे भड़काने, जान से मारने, संपत्ति का नुकसान आदि के मामले शामिल हैं। आने वाले समय में और भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस ने 514 संदिग्ध लोगों को अभी तक पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच के दौरान आगे और भी गिरफ्तार की जा सकती है।

एसआईटी का गठन

एसआईटी का गठन

बता दें कि हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। सभी एफआईआर को एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया गया गया है। जांच के लिए 2 अलग-अलग टीम बनाई गई है। एक टीम को डीसीपी राजेश देव लीड करेंगे। वहीं एक टीन को जॉय टर्की लीड करेंगे। दोनो टीमों में चार-चार एसीपी होंगे। एसीपी क्राइम बीके सिंह की अगुवाई में यह एसआईटी काम करेगी।

इसे भी पढ़ें- दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस पर कई राउंड गोली चलाने वाला शाहरुख अभी भी फरार

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
82 have bullet injuries in Delhi Violence criminals provided them weapon claims police.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X