7th Pay Commission: क्या मोदी सरकार DA बढ़ाकर केंद्रीय कर्मचारियों को दे सकती है होली का तोहफा? जानिए

नई दिल्ली, 16 मार्च: होली से पहले केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मोदी सरकार की ओर से डीए के संबंध में अच्छी खबर मिलने की जोरदार चर्चा है। बढ़ती हुई महंगाई के मद्देनजर कर्मचारियों को भी यह खबर राहत देने वाली है। हमने इस खबर की सभी पहलुओं को टटोलने की कोशिश की है और जो जानकारी मिल पाई है, उसके आधार पर कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना जरूर नजर आ रही है। लेकिन, जहां तक महंगाई भत्ते की दर को 3% से बढ़ाने का सवाल है, उसकी संभावना नजर नहीं आ रही है।

3% अतिरिक्त महंगाई भत्ता बकाए के साथ आने की उम्मीद

3% अतिरिक्त महंगाई भत्ता बकाए के साथ आने की उम्मीद

कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट में बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों की महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारी 1 जनवरी, 2022 से महंगाई भत्ते में 3% इजाफे की उम्मीद कर सकते हैं और वे होली के मौके पर वे बकाए के साथ तीन महीने (जनवरी,फरवरी और मार्च) की बढ़ी हुई सैलरी (तीन महीनों का बढ़ा हुआ डीए) की उम्मीद कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक अभी सरकारी कर्मचारियों को 31% महंगाई भत्ता मिलता है, जो इजाफे के बाद बढ़कर 34% हो सकता है।

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    1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिल सकती है राहत

    1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिल सकती है राहत

    अगर खबरों के मुताबिक सरकार ने डीए और डीआर बढ़ाने का फैसला लिया तो क्रमश: 50 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को फायदा मिल सकता है। डीए सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और महंगाई राहत (डीआर)पेंशनधारियों को दिया जाता है। चर्चा के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में होने वाली कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ता (डीए) के साथ-साथ महंगाई राहत (डीआर) पर भी चर्चा होने की संभावना है।

    महंगाई दर के हिसाब से तय होता है डीए और डीआर

    महंगाई दर के हिसाब से तय होता है डीए और डीआर

    सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए डीए और डीआर उनकी सैलरी और पेंशन का ही एक हिस्सा है, जो बढ़ती हुई महंगाई के प्रभाव से संतुलन बिठाने का एक साधन है। महंगाई दर में बढ़ोतरी के साथ ही सरकार आमतौर पर साल में दो बार- जुलाई और जनवरी में इसे संशोधित करती है। डीए का निर्धारण कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर होता, जिससे उनके जीवनयापन में सहायता मिल सके। क्योंकि, वेतन में इजाफा तो लंबे समय में होता है, लेकिन डीए के जरिए सैलरी बढ़ने के मौके कर्मचारियों का उत्साह और मनोबल बनाए रखता है।

    दो तिमाई में औसत महंगाई दर लगभग 5% पर रहा

    दो तिमाई में औसत महंगाई दर लगभग 5% पर रहा

    एक यह भी चर्चा हो रही थी कि सरकार महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दर को भी रिवाइज करने जा रही है। लेकिन, केंद्र सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि इसकी दर में बदलाव का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह पहले से ही महंगाई दर के आधार पर तय किया जा रहा है। पिछले साल जुलाई-सितंबर की तिमाही में औसत खुदरा महंगाई दर 5.08% रहा। जबकि, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में औसत महंगाई दर 5.01% पर रहा।

    'डीए की दर 3% पर स्थिर रहेगी'

    'डीए की दर 3% पर स्थिर रहेगी'

    मंगलवार को राज्यसभा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने डीए और डीआर बढ़ाने के संबंध में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में कहा, ' केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों का क्रमश: महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रीयल वर्कर के तहत महंगाई दर के आधार पर तय किया जाता है, जो कि श्रम और रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो की ओर से जारी किया जाता है।' इस सवाल के जवाब में कि 'क्या सरकार डीए/डीआर के बारे में कीमतों के आधार पर विचार करेगी और इसे 3% पर स्थिर नहीं रखेगी'....चौधरी ने कहा कि इस मामले में यह मुद्दा ही 'नहीं उठता'।

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