गर्व की बात! भारत में रहते हैं दुनिया के 70% बाघ, Tigers के मामले में तय समय से 4 साल पहले ही बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारत में बाघों और अन्य वन्यजीवों की बढ़ती संख्या को लेकर मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बड़ी खुशखबरी दी है। जावड़ेकर ने बताया कि भारत में दुनिया की कुल बाघों की आबादी का 70 फीसदी है। भारत को इस पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 30000 हाथी, 3000 एक सींग वाले गैंडे और 500 से अधिक शेर हैं। बता दें कि देश में बाघों की बढ़ती संख्या के साथ ही भारत का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

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    Global Tiger Day : Tiger Census बना Guinness World Record | Prakash Javadekar | वनइंडिया हिंदी
    भारत में दोगुनी हुई बाघों की आबादी

    भारत में दोगुनी हुई बाघों की आबादी

    दरअसल, केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने मंगलवार को राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में बाघों की जनगणना की रिपोर्ट जारी की जिसमें यह सभी जानकारी सामने आई है। इस समय भारत में दुनिया के 70 प्रतिशत बाघ रहे हैं जो कि अब
    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया है। किसी भी देश में इतनी बड़ी संख्या में बाघ नहीं बचे हैं। भारत ने तय समय से चार साल पहले ही जंगलों में बाघों की संख्या को दोगुना करने का संकल्प पूरा कर लिया जो गर्व की बात है।

    भारत में दुनिया की कुल बाघों की आबादी का 70 फीसदी

    मंगलवार को रिपोर्ट जारी करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'भारत में दुनिया की कुल बाघों की आबादी का 70 फीसदी है। भारत को इस पर गर्व होना चाहिए। यह हमारी नरम शक्तियों में से एक है। हमारे पास 30,000 हाथी, 3,000 एक सींग वाले गैंडे और 500 से अधिक शेर हैं।' बता दें कि भारत में बाघ सहित अन्य जंगली जानवरों की जनगणना के लिए दुनिया का सबसे बड़ा कैमरों का जाल बिछाया गया था। इस अभूतपूर्व प्रयास को दुनिया में अपने आपकी पहली पहल के रूप में मान्यता दी गई है।

    भारत ने 4 साल पहले पूरा किया संकल्प

    भारत ने 4 साल पहले पूरा किया संकल्प

    कोरोना वायरस महामारी के चलते राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लाइव स्ट्रीमिंग के मध्यम से यूट्यूब पर प्रसारित किया गया था। बता दें कि साल 2010 में बाघ क्षेत्र वाले दुनिया के कई देशों ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में संरक्षण पर घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें हर देश की सरकार ने अपने यहां साल 2222 तक बाघों की संख्या को दोगुना करने का संकल्प लिया था। खुशी की बात यह है कि अपने इस संकल्प को भारत सरकार ने चार साल पहले ही पूरा कर लिया।

    29 जुलाई को मनाया जाता है बाघ दिवस

    29 जुलाई को मनाया जाता है बाघ दिवस

    सेंट पीटर्सबर्ग घोषणा बैठक के दौरान ही 29 जुलाई को विश्वभर में बाघ दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था। तब से हर साल बाघ संरक्षण पर जागरूकता को बढ़ाने और उनकी संख्या को बढ़ाने के लिए दुनियाभर में वैश्विक बाघ दिवस मनाया जा रहा है। पिछले वर्ष बाघ दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व को बताया था कि भारत ने तय समय से चार साल पहले ही बाघों की संख्या को दोगुना करने का संकल्प पूरा कर लिया है। भारत में अब दुनिया भर में रहने वाले बाघों की कुल संख्या का लगभग 70 फीसदी बाघ रहते हैं।

    ऐप से हो रही बाघों की सुरक्षा और संरक्षण

    ऐप से हो रही बाघों की सुरक्षा और संरक्षण

    बता दें कि साल 2018 की गणना के अनुसार भारत में 2967 बाघ हैं जबकि साल 2014 में इनकी संख्या 2226 थी। देश में बाघों के संरक्षण के लिए एक ऐप भी तैयार किया गया है जो देश के 50 टाइगर रिजर्व पर नजर रखते हैं। इस ऐप का नाम एम-स्ट्राइप है। यह एप एंड्रॉयड प्लैटफार्म पर चलता है और इससे बाघों की संख्या और उसके संरक्षण में उपयोग में लाया जा रहा है। इस एप के माध्यम से किए गए बाघों की आबादी 2018 की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर मंगलवार को जारी की। इसके अलावा इस ऐप से कई शिकारियों को भी पकड़ने में कामयाबी मिली है।

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