Rabindranath Tagore Jayanti: 7 और 9 को क्यों मनाई जा रही है रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती?
Rabindranath Tagore Jayanti: बहुत कम लोगों को पता है कि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती 7 और 9 मई को मनाई जाती है। आखिर क्यों दो दिन उनकी जयंती मनाई जाती है, जानिए वजह

Ravindranath Tagore Jayanti: रवींद्रनाथ टैगोर को दुनियाभर में सम्मान की नजर से देखा जाता है। जिस तरह से उन्होंने साहित्य, संगीत और कला में विशेष योगदान दिया, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। जानेमाने बंगाली कवि, लेखक, पेंटर, समाज सुधारक और दार्शनिक रवींद्रनाथ ने भारत की संस्कृति और राजनीतिक इतिहास को प्रभावित किया था।
आज रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, जिसे पूरे देश में मनाया जा रहा है। आज यानि 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि कई संगठन रवींद्रनाथ जी की जयंती को 7 मई को भी मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ टैगोर का जन्मदिन 7 मई 1861 को हुआ था।
पश्चिम बंगाल में रवींद्रनाथ टैगोर का जन्मदिन बंगाली माह पंचीशे बोशाख के 25वें दिन मनाया जाता है। पारंपरिक बंगाली कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 9 मई को हुआ था। बंगाली कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ बोईशाख माह के 25 दिन पैदा हुआ थे।
रवींद्र नाथ बंगाली पुनरुत्थान में अग्रणी शख्सियत थे। उनकी कविताओं, नॉवेल, लघु कथाओं, निबंध ने दुनियाभर पर अपनी छापप छोड़ी थी। उन्हें 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था। रवींद्रनाथ को गीतांजली के लिए यह पुरस्कार मिला था।
रवींद्रनाथ दूरदर्शी शिक्षाविद थे, उन्होंने क्लासरूम शिक्षा की पद्धति को बदल दिया था। उन्होंने विस्व भारती विश्वविद्यालय का शांतिनिकेतन में गठन किया। रवींद्रनाथ को पुरस्कार में जो राशि मिली उसका इस्तेमाल इस विश्वविद्यालय की स्थापना में किया गया था।
दिलचस्प बात है कि गांधी जी को महात्मा की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दी थी। रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी एक दूसरे के काफी करीब थे। दोनों कई मुद्दों पर अलग-अलग राय रखते थे, लेकिन इसके बाद दोनों के बीच काफी करीबी थी।
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रवींद्रनाथ टैगोर एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने दो देशों का राष्ट्रगान लिखा है। उन्होंने भारत का राष्ट्रगान जन-गण-मन और बांग्लादेश के राष्ट्रगान अमार सोनार बांगला लिखा है।












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