घाटी में बढ़ा खतरा, सोशल मीडिया के जरिए 60 युवा आतंकी संगठन में शामिल
श्रीनगर। पिछले कुछ समय से कभी कश्मीर घाटी का माहौल अशांत हो गया है और अब इसी अशांत माहौल की गंभीरता को गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट से समझा जा सकता है। गृह मंत्रालय का दावा है कि कम से कम 60 कश्मीरी युवा आतंकी संगठनों का हिस्सा बन गए हैं। खास बात है कि घाटी में युवाओं की भर्ती सोशल मीडिया के जरिए हो रही है। हिजबुल मुजाहिद्दीन भर्ती करने में सबसे आगे है।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो घाटी में बढ़ रहे इस ट्रेंड पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर करीब से नजर रखें हैं। अधिकारियों की दावा है कि काउंसलिंग के बाद कम से कम 20 युवाओं को संगठनों का हिस्सा बनने से रोका गया है।
गृह मंत्रालय का दावा
- सितंबर तक आतंकवाद से जुडने वाले कश्मीरी युवकों की आधिकारिक संख्या करीब 60 है।
- कई युवाओं के माता-पिता ने पुलिस में अपने बेटों के गायब होने की जानकारी ही नहीं दी है।
- हिजबुल मुजाहिद्दीन का जाना-पहचाना नाम बन चुके त्राल के 20 वर्ष के बुरहान वानी के बाद ट्रेंड में इजाफा।
- बुरहान ने कुछ युवाओं के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट और फोटोग्राफ पोस्ट किया था।
- 20 से 30 वर्ष के 20 युवाओं को किसी तरह से रोका गया है।
- इन 20 युवाओं की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखी गई है।
- यह 20 युवा बुरहान के लिए खासे आकर्षित हो रहे थे।
- बुरहान को 'ए' कैटेगरी का आतंकी घोषित किया गया है।
- पुलवामा के कुछ युवक जमात-ए-इस्लामी संगठन से जुड़े हैं।
- अच्छी खासी पढ़ाई करने वाले युवा भी आतंकी संगठनों के लिए आकर्षित हो रहे हैं।
- इन दिनों साउथ कश्मीर में आतंकी संगठन युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं।












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