हिमस्‍खलन में बचाए गए पांच सैनिक श्रीनगर में इलाज के दौरान शहीद

28 जनवरी को कुपवाड़ा में आए हिमस्‍खलन में बचाए गए पांच सैनिक शहीद। खराब मौसम में भी लाए गए थे श्रीनगर। तीन दिन में खराब मौसम ने ली है 20 सैनिकों की जान।

श्रीनगर। कुपवाड़ा के माछिल सेक्‍टर में आए हिमस्‍खलन में जिन पांच सैनिकों को बचाया गया था उन्‍होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इन पांचों सैनिकों को माछिल से खराब मौसम के बीच ही श्रीनगर लाया गया था। कुपवाड़ा के माछिल में इंडियन आर्मी की एक पोस्‍ट 28 जनवरी आए हिमस्‍खलन की चपेट में आ गई थी। पांच सैनिक बर्फ में यहां फंसे हुए थे जिन्‍हें बड़ी मशक्‍कत के बाद देर शाम निकाला जा सका था।

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एलओसी के पास थी पोस्‍ट

गुरेज और सोनमर्ग के बाद अब जम्‍मू कश्‍मीर के कुपवाड़ा के माछिल सेक्‍टर में हिमस्‍खलन से सेना को खासा नुकसान हुआ है।पांचों सैनिक घंटों बर्फ के नीचे दबे थे और तुरंत इनका इलाज शुरू हो गया था। शनिवार को आए इस हिमस्‍खलन की चपेट में कुपवाड़ा के माछिल में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास स्थित इंडियन आर्मी की एक पोस्‍ट आई थी। सेना की ओर से सैनिकों के बचाव कार्य के लिए घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू हो गया था। 25 जनवरी को कश्‍मीर के सोनमर्ग और गुरेज में इसी तरह का हादसा हुआ था। उस हादसे में इंडियन आर्मी ने अपने 15 जवान खो दिए थे। गुरेज और सोनमर्ग में हुई घटना के ठीक 48 घंटे बाद यह हादसा हुआ था। सोनमर्ग और गुरेज में भी इंडियन आर्मी की पोस्‍ट और पेट्रोलिंग टीम हिमस्‍खलन की चपेट में आ गई थी।

श्रीनगर में 14 शहीदों के शव

सोनमर्ग और गुरेज में आए हिमस्‍खलन में जो 15 सैनिक शहीद हुए थे उनमें से 14 जवानों के शवों को सोमवार को श्रीनगर लाया जा सका है। खराब मौसम की वजह से अभी तक श्रीनगर में ही हैं। सेना का कहना है कि मौसम के दुरुस्‍त होते ही शवों को परिवारवालों के पास भेजा जा सकेगा।

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