गोवा सरकार पर बरसे केजरीवाल, बोले- ये कारापुर को बिल्‍डर्स के हवाले कर बर्बाद करना चाहते हैं

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा की भाजपा सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। गोवा क्रांति दिवस के पावन अवसर पर केजरीवाल ने वर्तमान राज्य सरकार की राजनीतिक कार्यशैली और प्रशासनिक निर्णयों की तुलना औपनिवेशिक काल के दमनकारी ब्रिटिश और पुर्तगाली शासकों से कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का अहंकार लोकतांत्रिक आवाजों को कुचल रहा है।

केजरीवाल की यह कड़ी प्रतिक्रिया मुख्य रूप से कारापुर के स्थानीय नागरिकों के साथ हुए प्रशासनिक व्यवहार के बाद सामने आई है। इन नागरिकों को कथित तौर पर पुलिस प्रशासन द्वारा उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को नमन करने के लिए ऐतिहासिक आजाद मैदान की ओर बढ़ रहे थे। इस घटना ने पूरे राज्य में एक गंभीर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है।

Arvind Kejriwal

आजाद मैदान जाने से रोकने पर उठाया सवाल

अरविंद केजरीवाल ने प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना करते हुए जनता के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में नागरिकों को अपने पुरखों और देश के वीरों को श्रद्धांजलि देने से रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि आज़ाद गोवा के भीतर कभी ऐसे हालात भी देखने को मिलेंगे।

कारापुर के स्थानीय निवासी काफी समय से विकास और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। वे अपनी जमीनों पर होने वाले विभिन्न व्यावसायिक बदलावों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय प्रशासन जबरन दमन की नीति अपना रहा है और पुलिस बल का सहारा लेकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।

अपने आधिकारिक बयान के जरिए आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता ने इतिहास का संदर्भ देते हुए सरकार के इस रवैये को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सचेत किया कि चाहे वह ब्रिटिश हुकूमत रही हो या सदियों पुराना क्रूर पुर्तगाली शासन, जनता पर जबरन थोपी गई तानाशाही का अंत हमेशा निश्चित होता है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि गोवा की जागरूक जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस अहंकारी रवैये का अंत करेगी।

कारापुर की जमीन और बिल्डर लॉबी का गठजोड़

प्रशासनिक कार्रवाई के अलावा, केजरीवाल ने इस पूरे विवाद के पीछे एक बड़े आर्थिक और जमीन सौदे का आरोप भी मढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार कारापुर की स्थानीय जमीनों को निजी बिल्डर्स और बड़े पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। उनके अनुसार, यह पूरी कवायद मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे वहां के प्राकृतिक परिवेश को नुकसान पहुंचेगा।

गोवा में जमीन के मालिकाना हक, जंगलों के संरक्षण और बाहरी बिल्डर लॉबी के प्रभाव का मुद्दा हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि इस तरह के भूमि समझौतों के कारण स्थानीय लोग अपनी पैतृक संपत्तियों और पर्यावरण से बेदखल हो रहे हैं। कारापुर के स्थानीय समुदायों का यह प्रतिरोध इसी बड़े पर्यावरणीय और आर्थिक संघर्ष का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

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