शिकंजी, ORS, फ्री बस—NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने बनाए स्पेशल कूलिंग जोन
नीट (NEET UG 2026) की दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर देशभर में सियासी सरगर्मियां तेज हैं। 21 जून को होने वाले इस री-टेस्ट के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद अनोखी और राहत भरी पहल की है। आमतौर पर देखा जाता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान पूरा ध्यान सिर्फ परीक्षार्थियों पर होता है, लेकिन दिल्ली सरकार ने इस बार कड़कड़ाती धूप में केंद्रों के बाहर इंतजार करने वाले माता-पिता और अभिभावकों के दर्द को भी समझा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि राजधानी के सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर विशेष 'कूलिंग जोन' (Cooling Zones) बनाए जाएंगे। इन सेंटर्स पर बच्चों को छोड़ने आने वाले परिजनों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था के साथ-साथ शिकंजी, ORS का घोल, ठंडी चाय और मेडिकल किट जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। आइए समझते हैं कि राज्य सरकारें अचानक छात्रों और उनके पैरेंट्स पर इतनी मेहरबान क्यों हो रही हैं और परीक्षा के दिन आपको क्या-क्या सुविधाएं मिलने वाली हैं।

परीक्षा केंद्रों पर बनेंगे 97 विशेष 'कूलिंग जोन'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 21 जून को होने वाली परीक्षा के दिन दिल्ली के सभी 97 केंद्रों पर पैरेंट्स के लिए टेंट और कूलर वाले विशेष शेल्टर बनाए जाएंगे। राजधानी में कुल 97 सेंटर तय किए गए हैं, जिनमें से 69 सरकारी स्कूलों में और 28 केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalayas) में बनाए गए हैं।
इस जून की भीषण गर्मी और उमस में जब पैरेंट्स परीक्षा खत्म होने का घंटों इंतजार करते हैं, तो उन्हें डिहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसी मानवीय पहलू को देखते हुए इन कूलिंग सेंटर्स पर पानी, नींबू की शिकंजी और ORS की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दिल्ली में पहले से ही आम जनता के लिए 85 कूलिंग जोन काम कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा के दिन इन 97 केंद्रों पर विशेष फोकस रहेगा।
छात्रों के लिए बसों में सफर बिल्कुल मुफ्त (Free DTC Bus Rides for NEET UG 2026)
पैरेंट्स को कूलिंग जोन की राहत देने से पहले दिल्ली सरकार ने छात्रों के लिए एक और बड़ा एलान किया था। परीक्षा के दिन सभी नीट अभ्यर्थियों को दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। छात्रों को बस कंडक्टर को अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा, जिसके बाद उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा। दिल्ली सरकार का मानना है कि परीक्षा के तनाव के बीच छात्रों को सेंटर तक पहुंचने में किसी भी तरह की आर्थिक या मानसिक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
UP से लेकर पंजाब तक, बाकी राज्यों में भी मची होड़ (Punjab Uttarakhand NEET Exam)
पेपर लीक के विवादों के बाद छात्रों के बीच उपजे गुस्से को शांत करने और खुद को संवेदनशील दिखाने के लिए इस समय अलग-अलग राज्य सरकारों के बीच होड़ मची हुई है। इसकी शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्रों ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर सफर के लिए पैसों की तंगी की बात कही थी। इसके बाद 20 मई को पंजाब सरकार ने सबसे पहले सरकारी बसों में मुफ्त सफर का एलान किया।
पंजाब के बाद दिल्ली, उत्तराखंड और ओडिशा सरकारों ने भी अपने यहां फ्री बस सर्विस की घोषणा कर दी। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कदम आगे बढ़ाते हुए यूपी रोडवेज (UPSRTC) की बसों में नीट परीक्षार्थियों के लिए किराए में 50% की भारी छूट देने का आदेश जारी किया है। साथ ही योगी सरकार ने दूसरे जिलों में जाने वाले छात्रों के लिए अस्थाई ठहरने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।
पेपर लीक के दाग को धोने की कोशिश?
अगर इस पूरे घटनाक्रम का गहराई से विश्लेषण करें, तो पता चलता है कि देश में हर साल औसतन 22 लाख से ज्यादा युवा नीट परीक्षा में बैठते हैं। इनमें से 40% से अधिक छात्र उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार जैसे चार बड़े राज्यों से आते हैं।
3 मई को हुई मुख्य परीक्षा के पेपर लीक और भारी हंगामे के बाद सरकारें बैकफुट पर थीं। ऐसे में मुफ्त बस सेवा और परीक्षा केंद्रों के बाहर शिकंजी-ORS पिलाने की यह कोशिश छात्रों के गुस्से को कम करने और अपनी छवि को सुधारने का एक बड़ा राजनीतिक व प्रशासनिक जरिया भी माना जा रहा है।












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