बिहार बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के पहले दिन ही धरे गए 4 'मुुन्नाभाई', किसी और की जगह दे रहे थे परीक्षा
पटना। बिहार बोर्ड की दसवीं की परीक्षाओं के पहले दिन ही 11 छात्रों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने गुरुवार को परीक्षा के पहले दिन से ही केंद्रों पर कड़ी व्यवस्था रखी है। बता दें कि गुरुवार को पूरे राज्य के 1,418 परीक्षा केंद्रों में अंग्रेजी की परीक्षा में कुल 16 लाख कैंडिडेट बैठे थे। परीक्षा से पहले चप्पलें पहले छात्र कक्षाओं के बाहर लाइन लगाए दिखे। पुलिस और परीक्षा निरीक्षक छात्रों को नकल से रोकने के लिए उनपर नजर बनाए हुए थे। ये परीक्षाएं 9:30 और 12:45 की दो शिफ्टों में आयोजित की जा रही हैं।

'गया और मुंगेर में पकड़े गए 4 मुन्ना भाई'
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि गया और मुंगेर जिले में किसी और छात्र की जगह पर परीक्षा देने वाले चार 'मुन्नाभाइयों' को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पटना के 74 परीक्षा केंद्रों में बहुत आराम से परीक्षा पूरी की गई।आनंद किशोर ने गर्ल्स हाई स्कूल शास्त्री नगर, केबी सहाय हाई स्कूल शेरुलाहपुर और राम लखन सिंह यादव हाई स्कूल, पुनाईचक में सरप्राइज विजिट किया।

पहली बार परीक्षा में ये बदलाव
इस साल पहली बार परीक्षा में एक बदलाव के साथ छात्रों को रोल नंबर, नाम और अन्य जानकारियां आंसरशीट में पहले से प्रिंटेड दी गईं और उन्हें अपनी डीटेल के मेल कर वेरिफाई करने के निर्देश दिए गए। ये सारी जानकारियां छात्रों की ओएमआर शीट पर पहले से प्रिंट करा कर दे दी गई थीं।

परीक्षा केंद्रों पर छात्रों का हुआ स्वागत
पटना और आरा समेत राज्य के कई जिलों में बिहार बोर्ड की ओर से मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यहां परीक्षार्थियों के स्वागत के लिए शानदार इंतजाम किए गए थे। हालांकि नवादा में बिहार बोर्ड द्वारा गड़बड़ी भी सामने आई। यहां एडमिट कार्ड पर केवल दो विषयों के नाम ही प्रिंट थे जिसके चलते छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।












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