2,234 लोग हुए Hiv का शिकार, सरकार को नहीं है जानकारी
नई दिल्ली। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नैको) की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2014 से मार्च 2016 के बीच अस्पतालों में रक्त संक्रमण की चपेट में आने से 2,234 लोगों को ह्यूमन इम्युनोडिफीसिअन्सी वायरस (Hiv) के शिकार हुए।

हालांकि सरकार अपनी संस्था की ही रिपोर्ट से इत्तफाक रखती नजर नहीं आती। सरकार ने लोकसभा में बताया है कि उसे इन संक्रमणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
नैको ने यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत चेतन कोठारी की याचिका पर दी है।
सरकार ने कहा था 'नहीं'
बता दें कि मानसून सत्र के दौरान 16 अगस्त को पूर्व मंत्री और कांग्रेस से लोकसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब सदन में सरकार से पूछा था कि 'क्या सरकार यह जानती है कि बड़ी संख्या में लोग रक्त संचार के दौरान HIV का शिकार हो जाते हैं।'
इस पर नैको के मुखिया स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 'नहीं' जवाब आया।
मंत्रालय ने जवाब दिया कि 'HIV ब्लड यूनिट्स की जांच करने के लिए सीमित जांच संसाधनों के कारण इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि रक्ताधान के दौरान HIV ट्रांसमिशन न हो।'
नैको ने खुद की रिपोर्ट पर उठाए सवाल!
इंडिया स्पेंड के अनुसार नैको ने अपनी ही रिपोर्ट की विश्ववसनीयता पर सवाल उठाते हुए दावा किया है 'यह जानकारी HIV ट्रांसमिशन पर सेल्फ रिपोर्टेड है और इसकी वैज्ञानिक साधन से पुष्टि नहीं की गई है कि ट्रांसमिशन रक्ताधान के दौरान ही हुआ है।'
फेडरेशन ऑफ बॉम्बे ब्लड बैंक्स के अध्यक्ष और पैथालॉजिस्ट जरीन भरूचा ने कहा कि रक्ताधान से एचआईवी संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है, बनिस्बत इसके कि कोई कैसी जीवनशैली जी रहा है।
भारत नंबर 3
नैको की ही रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अफ्रीका और नाइजिरिया के बाद भारत का HIV रोगियों कीं संख्या में नंबर 3 पर है। यहां 20 लाख लोग एचआईवी से प्रभावित हैं।
बावजूद इसके कि सन् 2007 HIV रोगियों में 5 फीसदी आई कमी के बाद भी अब तक 86,000 नए संक्रमण और एड्स के कारण सालाना 68,000 मौतें अब भी होती हैं।
दिसबंर 2015 में लोकसभा सत्र के दौरान सदन में बताया गया था कि भारत में 95 फीसदी HIV ट्रांसमिशन असुरक्षित यौन संबंध के कारण होता है।
(indiaspend.com / indiaspendhindi.com आंकड़ों आधारित, जन हितकारी और गैर लाभदायी संस्था है|)
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