तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूलों को खोलने पर विचार लेकिन अध्यापक नहीं हैं तैयार
कोरोना के कम होते मामलों के बीच आंध्र प्रदेश और तेलंगाना 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ एक दिन छोड़कर एक दिन स्कूल खोलने पर विचार कर रहे हैं।
हैदराबाद, 26 जून। कोरोना के कम होते मामलों के बीच आंध्र प्रदेश और तेलंगाना 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ एक दिन छोड़कर एक दिन स्कूल खोलने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि तेलंगाना सरकार ने 1 जुलाई से स्कूल खोलने का ऐलान किया है जबकि आंध्र प्रदेश सरकार अगस्त से स्कूलों को खोलने पर विचार कर रही है। दोनों राज्यों में अब इस बात पर विचार हो रहा है कि 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ क्या कक्षाएं सुबह और शाम के बैच में आयोजित की जा सकती हैं।

अधिकारीगण भी इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि क्या 50% क्षमता के साथ वैक्लपिक दिनों में कक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री आदिमुलापु सुरेश ने कहा, 'हम अगस्त में स्कूलों को फिर से खोलने की योजना बना रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि कक्षाओं को कैसे शुरू किया जाए यह कोरोना की तीसरी लहर पर निर्भर करेगा। अगर यह महसूस होगा कि यह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं तब हम वैकल्पिक दिनों में अलग-अलग समय और 50 प्रतिशत उपस्थिति पर विचार कर सकते हैं, लेकिन अभी इस पर चर्चा चल रही है, अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
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वहीं, तेलंगाना सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि, 'हम सुबह और शाम दोनों शिफ्टों में कक्षाएं आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं। हम 50 प्रतिशत छात्रों के साथ वैकल्पिक दिनों में कक्षाएं आयोजित करने की संभावना भी देख रहे हैं। आधे शिक्षक एक दिन और आधे अगले दिन उपस्थित रहेंगे।' उन्होंने कहा कि हालांकि कक्षा 9-10 की कक्षाएं ऑनलाइन ही आयोजित होंगी।
छात्रों को दिखानी होगी नेगिटिव रिपोर्ट
अधिकारी ने यह भी कहा कि स्कूल में एंट्री से पहले छात्रों को कोरोना की नेगिटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। आज ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शिक्षकों को जहां कहीं भी आवश्यक हो, स्थानांतरित करने या पदोन्नत करने के निर्देश जारी किए थे।
शिक्षक संघ ने की स्कूल न खोलने की मांग
इस बीच तेलंगाना राज्य प्रगतिशील मान्यता प्राप्त शिक्षक संघ (टीएस पीआरटीयू) के प्रतिनिधियों ने राव से मुलाकात की और कोरोना की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्कूल फिर से खोलने की योजना को अस्थाई रूप से स्थगित करने का आग्रह करते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
बच्चों को लेकर चिंतित माता-पिता
वहीं आंध्र प्रदेश शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जब तक महामारी खत्म नहीं हो जाती तब तक अभिभावन अपने बच्चों को स्कूल भेजने कतरा रहे हैं। अभिभावक संघ भी स्कूलों को दोबारा खोलने के फैसले का विरोध कर रहा है। कई अभिभावक कोरोना के डर से ऑनलाइन कक्षाओं का समर्थन कर रहे हैं।
वहीं, तेलंगाना अभिभावक संघ के एन नारायण ने कहा कि बच्चों की कम उपस्थिति के साथ भी स्कूलों में उनके बीच दूरी बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। अगर बच्चों और अध्यापकों का पूरी तरह से टीकाकरण के बाद स्कूल खोले जाएं तो ज्यादा बेहतर होगा।












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