DRDO ने SpO2 सप्लीमेंट ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम किया तैयार, कोरोना मरीजों के लिए वरदान
हैदराबाद, 19 अप्रैल: रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपलंट ऑर्गनाइजेशन) की ओर से SpO2 (रक्त ऑक्सीजन परिपूर्णता) विकसित किया है, जिसकी तस्वीर भी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की गई है। DRDO ने SpO2 सप्लीमेंट ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम विकसित किया है, जो ऑक्सीजन फ्लो थेरेपी के लिए जरिए कोरोना रोगियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सैनिकों के इस्तेमाल के लिए डीआरडीओ की ओर से विकसित उपकरण अब कोविड -19 रोगियों के लिए काम आएगा। डीआरडीओ ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के इस चरम संकट में उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र भी देश के लिए वरदान साबित होंगे। डिफेंस बायो-इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रो मेडिकल लेबोरेटरी (DEBEL), DRDO के बेंगलुरु ने सैनिकों के लिए अत्यंत उच्च ऊंचाई पर एक SpO2 (रक्त ऑक्सीजन संतृप्ति) सप्लीमेंट ऑक्सीजन डिलीवरी सिस्टम विकसित की है। यह स्वचालित प्रणाली SpO2 स्तरों के आधार पर पूरक ऑक्सीजन वितरित करती है और व्यक्ति को हाइपोक्सिया की स्थिति में जाने से रोकती है, जो कि ज्यादातर मामलों में घातक होता है।
दरअसल, देश में कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर कोहराम मचा रखा है। हर राज्य में अस्पताल में बेड से लेकर ऑक्सीजन सप्लाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोविड सेंटर में बेड और ऑक्सीजन ना होने के चलते रोगियों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कई राज्यों में तो मरीजों ने दम तक तोड़ दिया। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक सभी राज्यों के कमोबेश यहीं हालात है। ऐसे में अब डीआरडीओ की तरफ से तैयार किया गया सिस्टम कोरोना मरीजों के काम आएगा।












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