महंगा हुआ पेट्रोल तो 20 किमी रोज आने-जाने के लिए किया सस्ता उपाय, ग्रेजुएट ने हजारों रु बचत का किया दावा
वारंगल, 5 अक्टूबर। देशभर में पेट्रोल का भाव प्रति लीटर 100 रुपए पार कर चुका है। रोज महंगा हो रहे पेट्रोल से लोगों की जेब पर बोझ पड़ा है। जिनको काम पर जाने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना होता है, उनको अपने वाहन के पेट्रोल का खर्च बढ़ गया। तेलंगाना के वारंगल के एक शख्स के साथ ऐसा ही हुआ तो उन्होंने पेट्रोल का खर्च बचाने का देसी तरीका निकाला। 31 वर्षीय राजू मुप्पारापु बीएससी ग्रेजुएट हैं। राजू ने साइकिल में बैटरी चालित मोटर फिट किया और रोज 10 किमी का सफर तय कर काम पर जाने लगे। राजू का दावा है कि पिछले दस महीने के दौरान पेट्रोल की खपत उन्होंने 90 प्रतिशत तक कम कर लिया है।

दस महीने में 15 हजार से ज्यादा की बचत की
हैदराबाद में पेट्रोल इस समय 106.51 रु प्रति लीटर और वारंगल में 105.99 रु प्रति लीटर बिक रहा है। ऐसे में राजू ने बैटरी साइकिल बनाकर अपना खर्चा कम कर लिया। उनका यह भी दावा है कि पिछले दस महीनों में उन्होंने पेट्रोल पर खर्च होने वाले 15 हजार से ज्यादा रुपयों की बचत की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम दस महीने से बढ़ रहे हैं। मैंने जबसे बैटरी से चलने वाली साइकिल का उपयोग शुरू किया है, तबसे 15 हजार से ज्यादा रुपए बचाए हैं। इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत में राजू ने बताया कि 2021 के जनवरी में उन्होंने नई साइकिल खरीदी और उसमें 12 वोल्ट की दो बैटरी से चलने वाला डीसी मोटर फिट किया।

लोग कर रहे ऐसी साइकिल की डिमांड
राजू ने बताया, मैंने मोटर को चेन के साथ जोड़ा और बाइक में इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक एक्सलेरेटर को साइकिल में फिट किया। बैटरी को फुल चार्ज करने में दो घंटे का समय लगता है जो 20 किलोमीटर सफर तय करने के लिए पर्याप्त है। कहा कि वारंगल पश्चिम के विधायक ने उनसे हाल में यह साइकिल खरीदी। इसके बाद काफी लोग इस साइकिल को खरीदने के लिए आ रहे हैं। लेकिन मेरे पास संसाधन का अभाव है। मैंने सरकार से अनुरोध किया है कि मुझे लोन दिया जाय ताकि मैं और भी ऐसी साइकिल बना सकूं।

राजू इससे पहले भी कर चुके हैं कई आविष्कार
राजू गोपालपुरम गांव में दो बच्चों और पत्नी के साथ रहते हैं। उनका कहना है कि 12 हजार रुपए में वो बैटरी चालित साइकिल बना सकते हैं लेकिन उनके पास जो साइकिल है उसको बनाने में 20 हजार रुपए की लागत आएगी। इससे पहले राजू सौर उर्जा से मोबाइल चार्ज करने वाला चार्जर बना चुके हैं। सौर उर्जा से चलने वाले कुछ अन्य यंत्रों का निर्माण भी वे कर चुके हैं। कोरोना काल में राजू ऐसी मशीन बना चुके हैं जिसके लीवर को पैर से दबाने पर पानी और लिक्विड सोप निकलते हैं। ऐसी मशीनों को सरकारी कार्यालयों और पुलिस चेकप्वॉइंट्स पर लगाया गया। राजू स्ट्रीटलाइट सेंसर भी बना चुके हैं जिससे उर्जा की बचत होती है। वे बताते हैं कि कुछ जिलों में उनके बनाए गए 200 से ज्यादा स्ट्रीटलाइट सेंसर लगाए गए हैं जो अच्छा काम कर रहे हैं और इसको पूरे तेलंगाना में लगाया जा सकता है अगर सरकार का सपोर्ट मिले।












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