शिमला: सोलन जिले को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के बाद 648 विद्यालयों का भारत सरकार ‘थर्ड पार्टी’ द्वारा स्वतंत्र मूल्यांकन करवाया गया। इस प्रक्रिया में अंतिम रूप से देश के 172 विद्यालय चुने गए।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले को राष्ट्रीय स्तर पर 'स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार' प्रदान किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से नई दिल्ली में सोलन के उपायुक्त राकेश कंवर ने ये पुरस्कार प्राप्त किया। ये पुरस्कार 'स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय' प्रयास के अंतर्गत प्रदान किया गया है।

राकेश कंवर ने नई दिल्ली से इस संबंध में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि सोलन जिले को विद्यालय स्वच्छता के लिए देशभर के 11 सर्वश्रेष्ठ जिलों में चुना गया था। इनमें सोलन देश में दूसरे स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि सोलन जिले को राष्ट्रीय स्तर पर दो पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें एक पुरस्कार सोलन जिले को सर्वश्रेष्ठ जिले के लिए और दूसरा पुरस्कार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भाटियां, नालागढ़ को प्रदान किया गया। ये पुरस्कार वर्ष 2016-17 के लिए दिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि इन पुरस्कारों के लिए देशभर के 3.5 लाख से अधिक विद्यालयों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 2.68 लाख विद्यालयों ने आत्म मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद सभी विद्यालयों का जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन किया गया। इस प्रक्रिया के बाद देशभर से 648 विद्यालयों को चुना गया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के बाद 648 विद्यालयों का भारत सरकार 'थर्ड पार्टी' द्वारा स्वतंत्र मूल्यांकन करवाया गया। इस प्रक्रिया में अंतिम रूप से देश के 172 विद्यालय चुने गए। उन्होंने कहा कि इन 172 विद्यालयों में सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को चुना गया।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय प्रयास के तहत सोलन जिले को पुरस्कार मिलने पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, अध्यापकों और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के पुरस्कार निश्चित रूप से सभी को और बेहतर करने की दिशा में प्रेरणा देते हैं। उन्होंने आशा जताई कि सोलन जिला भविष्य में भी स्वच्छता की दिशा में अग्रणी रहेगा। इन पुरस्कारों के लिए विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, साबुन से हाथ धोना जैसे विभिन्न कार्य निष्पादन का मूल्यांकन किया गया। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा ये पुरस्कार विद्यालयों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई जैसे क्रियाकलापों को पहचान दिलाने, छात्रों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट बनाने के लिए शुरू किए गए हैं।












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